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Floating Cycle : नासिक में पढ़ने वाले स्कूली छात्रों ने बनाई तालाब को साफ करने वाली साइकिल

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Floating Cycle
Pic Courtsey - TBI

Floating Cycle : विज्ञान के कई सिद्धांतो को समझकर 7वीं कक्षा के छात्रों ने बनाई है ये साइकिल

Floating Cycle : हमारे देश में शिक्षा सिस्टम को लेकर अक्सर कई लोग आवाज उठाते रहे हैं, कुछ को इसमें कई गुण नजर आते हैं तो कुछ इसमे की कमियों को गिनाते हुए नहीं थकते.

हां एक चीज है जिसमें सभी की राय एक रहती है और वो है बच्चों का मार्क्स और डिग्री के पीछे दौड़ने के बारे नें सिखाना ताकि वह आगे चलकर अच्छी नौकरी और पैसा कमा सके.
बहुत कम ही ऐसे उदाहरण देखने को मिलते हैं जो सही मायनों में अपने ज्ञान को असल जिंदगी में आजमाते हैं या उसके इस्तेमाल से लोगों का भला करने की कोशिश करते हैं.
आज हम आपको ऐसे ही एक स्कूल की कहानी बता रहे हैं जिनका उद्देश्य बच्चों को सिर्फ शिक्षित करना नहीं बल्की उन्हें अपने अंदर धारण करना भी सिखाना है.
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नासिक के स्कूल का अनोखा तरीका
महाराष्ट्र के नासिक के एस्पलियर एक्सपेरिमेंटल स्कूल (Espalier experimental school) के विभिन्न आयु वर्ग के छात्र जिस तरह से शिक्षा हासिल कर रहे हैं वह ऐसा तरीका है जो पढ़ाई को उनके जीवन में लागू करना सीखाता है.
इस वर्ष विज्ञान दिवस के अवसर पर छात्रों ने एक नया अविष्कार करते हुए पानी में मौजूद गंदगी को साफ करने के लिए एक चलती साइकिल बनाने की परियोजना पर काम किया था जो सफल भी हुआ.
छात्रों ने अपने विज्ञान अध्यापक श्रीमती कल्याणी जोशी के मार्गदर्शन में इस परियोजना पर काम किया था.
बता दें कि पहले सत्र में आर्किमिडीज के सिद्धांत, डेनसिटी और उछाल की अवधारणा को विद्यार्थियों को समझाया गया था. जबकि दूसरे सत्र में इस बारे में चर्चा की गई की आखिर में इस चलती साइकिल को बनाना कैसे है.
आपको यह जानकार हैरानी होगी कि जो चीजें हमारे लिए बस याद करके परीक्षा में लिखने तक सीमित थी उससे सातवीं कक्षा के बच्चों ने असल जिंदगी में आजमाया और पानी पर चलने वाली साइकिल बना दी.
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गंदे तालाब साफ करने में असरदार
हालांकि इसे बनाने के दौरान स्कूल प्रशासन की तरफ से वेल्डिंग जैसे कार्यों में 12-13 वर्षीय बच्चों के लिए सभी सुरक्षा और सावधानी बरतने के तरीके अपनाए गए थे.
खास बात यह है कि इस तलती साइकिल का उपयोग हमारे जल निकायों को साफ करने के लिए किया जा सकता है क्योंकि इसमें कचरा इकट्ठा करने के लिए अलग से इंतजाम किया गया है.
यह आज तक के किए गए तालाबों और नदियों को साफ करने के प्रयोगों में सबसे आसान, सस्ता और आरामदायक है.
स्कूल की इस कोशिश से ना सिर्फ बच्चों के लिए पढ़ाई आसान बल्कि रोचक भी हो गई है. वहीं इससे उनके अंदर समाज में बदलाव लाने की इच्छा भी जागी है जो अपने आप में देश के लिए एक शुभ संकेत है.

साभार – TBI