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मुसीबत से डरे नहीं, बल्कि उसका डट कर सामना करना ही जिंदगी है

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दोस्तों, मुसीबत को देखकर भागे नहीं.  बल्कि उसका डटकर सामना कीजिए
अब आप पूछेंगे कैसे… तो सुनिए….
अगर हम सोचेंगे कि हमारी जिंदगी में मुसीबत आए ही नहीं, तो ऐसा संभव नहीं है. हर किसी को मुसीबत का सामना करना पड़ता है. तो फिर क्यों न डटकर मुसीबत का सामना किया जाए.
चलिए आपको वैज्ञानिक तरीके से समझाते हैं
मनोवैज्ञानिकों ने रिसर्च में पाया है कि जब मनुष्य की जिंदगी में मुसीबत आती है, तो वह दो प्रकार से सोचता है.
पहला यह कि, मनुष्य मुसीबत पर फोकस करने लगता है, जिसके कारण वह नकारात्मक होने लगता है और पहले ही हार मानने लग जाता है. ऐसे में वह उल्टा मुसीबत के जाल में फंसता जाता है.
दूसरा यह कि, मनुष्य मुसीबत पर फोकस करने के बजाय उसके समाधान (सोल्युशन) पर फोकस करने लगें ऐसे लोग पॉजीटिव सोच के होते हैं. वह मुसीबत का डटकर सामना करते हैं और अंत में मुसीबत को उनके मजबूत हौसलों के सामने हार मानने को मजबूर होना पड़ता है.
  नैपोलियन बोनापार्ट से लें सीख
दोस्तो, वैसे आपने फ्रांस के सख्त शासक नैपोलियन बोनापार्ट का नाम तो सुना ही होगा. नैपोलियन बोनापार्ट की बहादुरी के चर्चे आज भी प्रासंगिक हैं. इसका कारण यह है कि वह बड़ी से बड़ी चुनौतियों को स्वीकार करने में बहुत रूचि लिया  करते थे.
 चलिए आपको नैपोलियन बोनापार्ट का एक मशहूर वाक्या बताते हैं,
नेपोलियन अक्सर जोखिम (risky) भरे काम करते थे. एक बार उन्होने आलपास पर्वत (फ्रांस का सबसे बड़ा पर्वत) को पार करने का ऐलान किया और अपनी सेना के साथ चल पढे. सामने एक विशाल और गगनचुम्बी पहाड़ खड़ा था जिस पर चढ़ाई चढ़ना मुमकिन नहीं था. उनकी सेना मे अचानक हलचल होने लगी. लेकिन उन्होंने यह देखने के बावजूद भी सेना को पर्वत पार करने का आदेश दिया.
नेपोलियन बोनापार्ट की यह बात सुनकर एक पास खड़ी बुजुर्ग महिला शासक नेपोलियन के पास गई और बोली ,लगता है मरने का ज्यादा ही शौक है तुम्हें यहां जितने भी लोग आए वापस नहीं जा पाए. इसलिए यह गलती मत करो और वापस चले जाओ.
राजा को इतना कुछ कहने पर सैनिक भड़क उठे और बुजुर्ग महिला को मारने के लिए आगे आने लगे. लेकिन जैसे ही नेपोलियन ने सैनिकों को आता देखा उन्होंने सैनिकों को इशारों में कुछ न करने को कहा. इसके बाद नेपोलियन बोनापार्ट आगे बढ़े और गले से हार की माला उतारकर महिला को पहना डाली.
इसके बाद जो उन्होंने कहा वो काफी हौरान करने वाला था, उन्होंने उस महिला से कहा कि मुझे पता है पर्वत को पार करना बहुत मुश्किल है. लेकिन इस खतरनाक चुनौती को पार करने के लिए मुझे प्रेरणा की जरूरत थी, वह प्रेरणा मुझे आपसे प्राप्त हो चुकी है. अब मेरे भीतर और अधिक ऊर्जा का संचार होने लगा है और मेरा उत्साह आपने दोगुना कर दिया है.
इसके बाद नेपोलियन ने बुजुर्ग महिला से कहा कि मैं पर्वत को पार करने जा रहा हूं. अगर मैं वापस आ गया तो तुम जिंदगी भर मेरी जय-जयकार करते रहना. फिर बुजुर्ग महिला ने कहा- वाह… इतने लोग देखे, मगर तुम्हारे जैसा नहीं देखा. तुम पहले इंसान हो जो चुनौतियों से भागता नहीं, बल्कि मुसीबत को अपने मजबूत हौसलों से हारने पर मजबूर कर देता है.
इसके बाद नेपोलियन बोनापार्ट पर्वत पर फतेह करके आया था. जबिक उसके सैनिक पर्वत पर चढ़ नहीं पाए थे.