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ग्वालियर में शौच करते व्यक्ति की फोटो देने पर मिलेगा 100 रुपए इनाम

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ग्वालियर
फोटो साभार- अलज़जीरा
ग्वालियर में आज कल फोटो खिंचने की एक नई होड़ लगी हुई है. जी नहीं वहां कोई फोटोग्राफी प्रतियोगिता नहीं चल रही बल्कि यह तो ग्वालियर के स्वछता अभियान का एक हिस्सा है.
हैरान हो गए ना, चलिए हम आपको बताते हैं आखिर ये पूरा माजरा क्या है
फाइन 250,इनाम 100 रूपए
ग्वालियर में नगर निगम के द्वारा स्वच्छता अभियान के तहत एक नई योजना की शुरूआत की गई है.
इस योजना के मुताबिक अगर कोई भी व्यक्ति खुले में शौच करने वाले लोगों की फोटो खींच कर उसका नाम,जगह की जानकारी भेजता है तो उसे नगर निगम की तरफ से 100 रुपए के इनाम की राशि दी जाएगी. साथ ही फोटो में दिखने वाले इंसान से 250 रुपए का फाइन भी लिया जाएगा.
स्वच्छता में बढ़ेगी लोगों की भागीदारी 
जिला पंचायत चीफ एक्सीक्यूटिव ऑफिसर नीरज सिंह कहते हैं कि यह एक सामूहिक प्रयास है. जिसे जनता की भागीदारी को स्वच्छता अभियान में बढ़ाने के लिए बनाया गया है.
उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से मार्च में ग्वालियर के ग्रामीण क्षेत्रों को ओडीएफ घोषित किया गया था. लेकिन इसके बावजूद हमारे पास तमाम शिकायते आ रही हैं, जिसे देखते हुए हमने इस योजना की शुरूआत की.
हमने इस योजना में शिकायत की पुष्ठि करने के लिए व्यक्ति के शौच करते हुए फोटो को जरुरी बनाया है.
फोटो को जिला मॉनिटरिंग ऑथिरीटी के पंचायत सेकेट्री को भेजे जाते हैं ताकि वह इस पर कार्यवाही कर सकें.
गौरतलब है कि भारत सरकार की तरफ से हाल ही में जारी 100 देशों की सूचि में ग्वालियर का स्थान देश के टॉप 27 शहरों में था. इसके बावजूद नगर निगम को लगातार खुले में शौच की शिकायतें मिल रही थी.
जिसे गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने हाल ही में अपने स्टाफ के बहुत से लोगों को निकाला है.
लोगों के निजता पर प्रहार है ये कानून 
हालांकि कुछ अधिकारी और सोशल एक्टीविस्ट नगर निगम के द्वारा चलाई जा रही इस योजना के खिलाफ हैं. क्योंकि उनको लगता है कि इससे लोगों की इज्जत और उनके निजी जीवन पर फर्क पड़ रहा है.
इस बारे में सोशल एक्टीविस्ट सुधीर सापरे कहते हैं कि खुले में शौच रुकवाने का यह तरीका सही नहीं है. यह ना केवल लोगों की नीजता में दखल है बल्कि इससे ग्रमीण क्षेत्रों में बहुत सी परेशानियां भी आ सकती है.
कानूनी तौर पर भी यह सही नहीं है. उंचे पद पर बैठे अधिकारियों को इस तरह का फैसला करने से पहले सोचने चाहिए.
हाल ही में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने मेवार के डिप्टी कमिश्नर को इसी संदर्भ से जुड़े एक मामले में नोटिस दिया था. क्योंकि उन्होंने शौच करते लोगों की तस्वीरे सोशल मीडिया पर डाल दी थी.
खैर तरीके को लेकर भले ही लोगों में मतभेद हो लेकिन नीयत को लेकर नहीं है. सबकी कोशिश यही है कि भारत को एक साफ स्वच्छ देश बनाया जाया.
हमारी भी लोगों से अपील हैं कि वह खुले में शौच ना जाएं. क्योंकि अपने देश को साफ रखना हर भारतीय का कर्त्तव्य है.

साभार-एचटी