जानिए उस भूटान को, जिसकी पहचान उसकी परंपरा और संस्कृति है

भूटान
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भूटान एक ऐसा देश जिसके बारे में किसी भी देश के नागरिक उसकी गरीबी के अलावा और कुछ नहीं जानते. लेकिन इस देश की एक और विशेष पहचान है जो उसने अपनी परंपराओं और संस्कृति से बनाई है
 भूटान के बारे में कई ऐसी रोचक बातें हैं, जो इस देश को करीब से जानने के लिए मन में जिज्ञासा उत्पन्न करने लगती हैं. आइए आपको अपने लेख के जरिए बताते हैं भूटान की कुछ खास बातें…
भूटान को दोस्त बनाना पसंद नहीं
आपको यह जान कर हैरानी होगी कि अपनी संस्कृति को बचाने के लिए इस देश ने सदियों तक विश्व के अन्य देशों से संबंध नहीं बनाए.
टेलीविजन को यहां 1999 में ही इजाज़त दी गई थी. यही नहीं इस देश में 1970 में पहली बार किसी विदेशी पर्यटक को यहां आने की इजाज़त दी गई थी. आज भी यहां के अधिकारी विदेशों से आने वाले लोगों पर कड़ी नज़र रखते हैं.
आर्थिक रूप से गरीबी का शिकार है भूटान
यह अनोखा देश है जो अपनी प्रगति को जीवन राष्ट्रीय खुशी (जीएनएच) से नापता है न कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) से. इसके पीछे सरकार का तर्क है कि जीएनएच से आए आकड़ों के अनुसार देश के भौतिक और मानसिक रूप से ठीक होने के बीच संतुलन कायम किया जाता है.
इसकी रेटिंग को सकल राष्ट्रीय ख़ुशी केंद्र देखता है जिसकी ज़िम्मेदारी एक ऐसे व्यक्ति के पास रहती है जो किसी स्थिति के विपरीत पक्ष को भी अच्छे से समझता है. शायद इसी का नतीजा है कि एक गरीब देश होने के बावजूद आज बहुत से भूटानी अपनी ज़िंदगी से खुश हैं.
इस देश के करीब 70% युवा बेरोज़गार हैं और जीडीपी के संदर्भ में भी यह दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक है.
पर्यावरण क्षेत्र में अग्रणी
कई लिहाज से भूटान अंतरराष्ट्रीय ट्रेंड्स में अग्रणी रहा है. प्लास्टिक की थैलियां वहां 1999 से ही प्रतिबंधित हैं और तंबाकू लगभग पूरी तरह में ग़ैरक़ानूनी है. वहां के क़ानून के मुताबिक देश के 60% भाग में जंगल होना अनिवार्य है
यहां आने के लिए बड़ी मुश्किल से मिलता है वीजा
कमाल के प्राकृतिक दृश्यों और शानदार संस्कृति के बावजूद यह अब भी बड़े पैमाने पर पर्यटन से बचा रहा है और ऐसा जान-बूझकर किया गया है.
सरकार पर्यटकों की संख्या को सीमित रखती है और दक्षिण एशिया के बाहर से आने वालों से 250 डॉलर प्रतिदिन के हिसाब से पैसा वसूलती है. जिससे पर्यटन आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन जाता है.

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ऐसा करने के पीछे भी एक तर्क है कि पर्यटन का पर्यावरण और संस्कृति पर बुरा प्रभाव पड़ता है जिससे इस जगह की ख़ासियत बनाए रखना कठिन हो जाता है. हालांकि सरकार पर कर्ज़ बढ़ने के साथ ही ज़्यादा पर्यटकों को आने देने की मांग की जा रही है.

भूटान के पास नहीं है वायु सेना और नौसेना

भूटान के पास सेना तो है है लेकिन चारों ओर से समुद्र से घिरा होने के बावजूद यहां नौसेना नहीं है.
यहां तक कि इसके पास वायुसेना भी नहीं है जिसकी वजह से इस क्षेत्र में भारत उसका ख़्याल रखता है.

किसी भी पर्व को पौधे लगाकर मनाने की है परंपरा

हजारों लोगों ने इस साल की शुरुआत में अपने राजा-रानी के पहले बच्चे, राजकुमार ग्यालसे, के जन्मदिन का जश्न 1,08,000 पौधे लगाकर मनाया.
भूटान में पेड़ लगाना लोकप्रिय है. यहां वह लंबे जीवन, सुंदरता और सहानुभूति के प्रतीक हैं.
2017 में भूटान ने मात्र एक घंटे में 50,000 पेड़ लगाने का गिनीज़ विश्व रिकॉर्ड इसी देश के नाम है