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जानिए, उस kangana ranaut को जिसकी बेब़ाक छवि उसकी सफलता की कहानी गढ़ती है

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kangana ranaut
फोटो साभार-गूगल

Kangana Ranaut, बॉलीवुड की एक ऐसी अभिनेत्री जिन्होंने बिना किसी गॉडफादर के अपने दम पर फिल्म इंडस्ट्री में एक खास मुकाम हासिल किया है.

मॉ‌डलिंग से अपने सफ़र की शुरुवात करने वाली कंगना आज अपने गजब के अभिनय से लोगों के बीच एक मशहूर अभिनेत्री ही नहीं बल्कि आम जनता के लिए एक मिसाल बन गई हैं.
परिवार और शिक्षा
23 March 1987 को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के छोटे से कस्बे भाम्बला में जन्मी कंगना को बचपन से ही फैशन का शौक था.
कंगना बचपन से बहुत जिद्दी और हर चीज के लिए लड़ने वाली लड़की थी. इसी वजह से जब उनके पापा उनको लड़कियों वाला खिलौना और भाई को लड़कों वाला खिलौना लाकर देते तो वो उस खिलौने को लेने से मना कर देती. क्योंकि उन्हें लगता था कि उनके पापा उनके और भाई के बीच अंतर कर रहे हैं
कंगना की स्कूली शिक्षा चंडीगढ़ के डीएवी स्कूल से हुई जहाँ वो शुरूआत में तो एक मेधावी छात्रा रही, मगर बाद में उनका पढ़ाई के प्रति लगाव कम होता गया. जिसके चलते वो 12th में फेल हो गई.
कंगना रनौत
फोटो साभार-गूगल
kangana ranaut के माता पिता का सपना था कि उनकी बेटी बड़ी होकर डॉक्टर बने मगर उनके 12th फेल होने के बाद उन्होंने कंगना से डॉक्टर बनने की उम्मीद ही छोड़ दी.
मगर फेल होने के बाद कंगना ने रोने की बजाए अपने सपने के बारे में फिर सोचा और ज़िन्दगी में कुछ अलग करने का संकल्प लेकर दिल्ली आ गई.
दिल्ली आने के बाद भी kangana ranaut अपने करियर को लेकर काफी कन्फ्यूज थी. वो अभी तक नहीं समझ पा रही थी कि वो क्या करें और क्या ना करे.
तभी एक दिन वो अचानक से एलाइट मॉडलिंग ऐजेंसी के सम्पर्क में आई गई जहां उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में खुद को आजमाना शुरू किया. मगर कुछ दिनों बाद ही उन्हें महसूस हुआ कि इस काम में क्रिएटिविटी नहीं है. जिसके बाद कंगना ने एक्टिंग फील्ड में जाने का निर्णय लिया.
उन्होंने दिल्ली में ही अस्मिता थियेटर ग्रुप ज्वाइन किया और वहीं छोटे मोटे प्ले में काम करते हुए उन्होंने अपनी अभिनय की दुनिया में कदम रखा.
एक बार की बात है जब उनके किसी नाटक में मेल एक्टर नहीं आया तो कंगना ने अपने किरदार के साथ-साथ उसके किरदार के हिस्से का भी रोल प्ले किया जिसे दर्शकों ने खूब पसंद भी किया. इस प्ले के बाद से ही उनके साथ काम करने वाले तमाम सह-कलाकारों ने उन्हें मुंबई जाने की सलाह देने लगे
कंगना रनौत
फोटो साभार- गूगल
kangana ranaut  का मुंबई सफर
लगातार साथी कलाकारों की मुंबई जाने की बात सुनकर आखिर kangana ranaut नें भी मुंबई जाने का फैसला कर लिया.
उन्होंने सबसे पहले मुंबई जाकर अपने अंदर से कैमरे के डर को निकालने के लिए 4 महीने तक एक्टिंग सीखी. फिर उन्होंने तमाम बड़े डॉयरेक्टरों और प्रड्यूसरों के सामने अपना ऑडिशन देना शुरू किया, मगर कई दिन बीतने के बाद  भी उनकी बात नहीं बन रही थी.
इन दिनों कंगना उस दौर से भी गुजरी जिसे हम स्ट्रगल कहते हैं. कंगना की आर्थिक हालत उस समय तक इतनी खराब हो चुकी थी कि मंबई में उन्होंने रोटी अचार खाकर ही कई दिन गुजारे.
उनके मुंबई जाने से नाराज पिता ने भी उन्हें पैसों की सहायता देने से मना कर दिया था. यह वहीं दौर था जब कंगना को उनके हर रिश्तेदारों ने ताना देना शुरू कर दिया था क्योंकि वो नहीं चाहते थे कि उनकी घर की कोई लड़की फिल्म इंडस्ट्री में काम करें.
फिर एक दिन कंगना की किस्मत पलटी और 2005 में फिल्मकार अनुराग बसु की नजर जब कैफे में बैठे हुए उनपर  पड़ी तो उन्होंने वहीं पर तुरंत ही गैंगस्टर में उनको लीड रोल का ऑफर दे डाला. और इसके बाद 2006 में जब ‘गैंगस्टर’ रिलीज हई तो वो बॉक्स ऑफिस पर छा गई. हर तरफ कंगना के अभिनय की तारीफ होने लगी.
इसके बाद जब 2007 में कंगना ने फिल्म ‘शाकालाका बूम बूम’ में सिंगर की भूमिका निभाई जिसके लिए उन्हें पहला राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला. महज 2 साल के करियर में ही राष्ट्रपति पुरस्कार पाने वाली कंगना ने तब तक पूरे बॉलीवुड में अपने अभिनय का तहलका मचा दिया.
फोटो साभार- गूगल
निजी जिन्दगी
कंगना जब फिल्म जगत में आई तो उन्हें अच्छी इंग्लिश नहीं बोल पाने की वजह से ही कई जगह रिजेक्शन का सामना करना पड़ा. वो स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को फॉलो करती हैं. और खाली समय में उनके आदर्शों पर लिखी किताबों को भी पढ़ती हैं
उनके बारे में एक और खास बात यह है कि वो शाकाहारी हैं. जिसकी वजह से उन्हें पेटा के सर्वे में भारत की सबसे हॉटेस्ट अभिनेत्रियों की लिस्ट में सबसे ऊपर रखा गया है.
कंगना रनौत
फोटो साभार- गूगल
बेबाक़ सोच
कंगना रनौत के बेबाक बोलने वाले अंदाज से हम सब वाकिफ हैं, और इसका असर उनकी सोच पर भी पड़ता है.
उन्होंने अपनी इसी सोच के चलते 2 करोड़ रुपए का फेयरनेस क्रीम का विज्ञापन का ऑफर यह कहकर ठुकरा दिया था कि गोरापन किसी की खूबसूरती की पहचान नहीं होती,लड़की का गेंहुआ रंग भी उतना ही खूबसूरत है. उन्होंने उस ऐड कंपनी को साफ मना कर दिया कि वो किसी भी ऐसे उत्पाद का विज्ञापन नहीं करेंगी जो गोरेपन का प्रचार करता हो.
अवार्ड्स से खास नाता नहीं
कई पुरस्कार ले चुकी कंगना का मानना है हमारे देश में राष्ट्रपति से राष्ट्रीय पुरस्कार लेना बहुत बड़ी बात है क्योंकि वह टीआरपी के आधार पर नहीं दिए जाते.
अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपने बेहतरीन अभिनय से बहुत अवार्ड्स हासिल किए जिसमें तीन नेशनल फिल्म अवार्ड्स और चार फिल्मफेयर अवार्ड्स है.
क्वीन और ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ के लिए तो उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार के साथ-साथ फिल्मफेयर अवार्ड भी मिल चुका हैं.
कंगना रनौत ने जितने कम समय में बॉलीवुड के उस ऊंचे मुक़ाम को हासिल किया है वो यह साबित करता है कि वाकई उनमें वो काबिलियत है जिसकी वजह से आज वो एक सर्वक्षेष्ठ अभिनेत्री हैं.