बच्चों के खातिर धार्मिक ग्रंथों का भी हुआ आधुनिकीकरण, जानिए कैसे

धार्मिक | religious

21वीं सदी में हर देश अपने ट्रेडिशन (परंपरा) और मॉर्डनाइजेशन (आधुनिकीकरण) के बीच की जंग से लड़ रहा है. जिसका सबसे ज्यादा असर हमारे धार्मिक ग्रंथ एवं आध्यात्म पर पड़ा है.

पहले बच्चों की कॉमिक्सों में चाचा चौधरी, बैटमैन, स्पाइडर मैन, शक्तिमान जैसी काल्पनिक कहानियां पढ़ने को मिलती थी, इसके बाद पंचतंत्र के रूप में लोककथाएं प्रचलन में आईं.

मगर अब बच्चों में हिंदू धर्म के प्रसिध्द धार्मिक ग्रंथों की पहुंच बनाने के लिए इनके भी कॉमिक्स फॉर्मेट में प्रकाशन होने शुरू हो गए हैं.
अब नई पीढ़ी के बच्चों के लिए रामायण, महाभारत, भागवत गीता, शिव-पार्वती, गणेशा जैसे हिंदू धार्मिक ग्रंथों के कॉमिक्स फॉर्मेट में पुस्तकें आ रही हैं. पुस्तकों में इन ग्रंथों के बारे में सभी महत्वपूर्ण जानकारियां विस्तार से दी गई है.
लेकिन फर्क बस इतना है कि इन कॉमिक्सों में चित्रों को एनिमेशन फॉर्म में उकेरा जा रहा है

नई पीढ़ी नहीं ले रही ग्रंथों का ज्ञान

इंटरनेट की क्रांति शुरू होने से किताबों का ट्रेंड काफी कम हो गया है. अब नई पीढ़ी हाथों में मोटी-मोटी किताबें थामने के बजाए गूगल पर एक क्लिक से जानकारी जुटाना बेहतर समझ रही हैं. शायद इसी वजह से अब नई पीढ़ी के बच्चे किताबों को किसी आफत से कम नहीं समझते हैं.
बच्चों का ग्रंथ पुस्तकें न पढ़ पाने का यह भी मुख्य कारण है कि ग्रंथों की भाषाशैली काफी कठिन होती है, जिसकी वजह से यह बच्चे ग्रंथो में लिखे गए शब्दों को नहीं समझपाते हैं.
पुस्तकों की तेजी से बढ़ रही मांग
पहले बच्चे रामायण, महाभारत की पुस्तकों को पढ़ना पसंद नहीं करते थे, लेकिन जब से इनका कॉमिक्स रूपांतरण आया है बच्चे इसमें खूब रूचि ले रहे हैं. दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, कानपुर, चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों में ये कॉमिक्सें आसानी से उपलब्ध हो जा रही हैं.
वहीं इन कॉमिक्स की मांग में भी लगातार वृध्दि देखने को मिल रही है.

50 रूपये से 14,000 रूपये तक की बिक रही हैं कॉमिक्स

इन पुस्तकों का रेट 50 रूपये से शुरू लेकर 1000, 4000 रूपये तक उपलब्ध हैं. रामायण, महाभारत, गणेशा जैसे लोकप्रिय ग्रंथों के तीन पुस्तकों के सेट बनाए गए हैं, जिनका मूल्य 6,000 से 14,0000 रूपये तक का है.
मोटिवेशनल पुस्तकें भी हो रही लोकप्रिय
धार्मिक ग्रंथों के अलावा भी बच्चों के लिए प्रेरणादायक पुरूषों की पुस्तकें भी मौजूद हैं. जिनमें महात्मा बुध्द, स्वामी विवेकानंद, दयानंद सरस्वती जैसी महानविभूतियों के जीवन को कॉमिक्स के रूप में प्रस्तुत किया गया है.