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National Bravery Award 2018 : तस्वीरों में देखिए उन 18 बच्चों को जिन्हें इस साल के भारतीय वीरता पुरस्कार से नवाजा गया

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National Bravery Award 2018
साभार - ट्वीटर

National Bravery Award 2018 : नवयुवकों के वीर पराक्रम के लिए दिए जाते हैं अवार्ड

National Bravery Award 2018 : बुधवार को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के 18 बहादुर बच्चों को उनकी बहादुरी के लिए वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया.

हर साल की तरह इस साल भी गणतंत्र दिवस से पहले प्रधानमंत्री ने उन नवयुवकों को वीरता का पुरस्कार प्रदान किया जिन्होंने गत सालों में अपनी बहादुरी और तेज दिमाग का परिचय देते हुए पूरे देश के लिए उदाहरण बने.
बता दें कि इन वीरता पुरस्कार को दिए जाने की सर्वप्रथम शुरूआत सन् 1957 से हुई थी.और अभी तक ये अवार्ड 680 बालक और 283 बालिकाओं को उनके वीर पराक्रम के लिए दिए जा चुके हैं.
अवार्ड के रूप में इन बच्चों को एक मेडल, सर्टीफिकेट और कुछ कैश दिए जाते हैं. इसके अलावा इन बच्चों को स्कूली शिक्षा पूरी करने तक वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है.
आइए जानते है इस साल के उन 18 बहादुर बच्चों के बारे में जिन्हें राष्ट्रपति ने वीरता पुरस्कार से नवाजा है.
National Bravery Award 2018
साभार – ट्वीटर
नाजिया
18 वर्षीय नाजिया ने उत्तर प्रदेश में जुआ और सट्टेबाजी के अवैध व्यापार पर स्थानीय पुलिस की कार्रवाई में मदद करते हुए दुश्मनों को सलाखों के पीछे भेजा.
हालांकि इसके लिए नाजिया और उनके परिवार वालों को गुंड़ो द्वारा प्रताड़ित भी किया गया मगर वो अपने फैसले पर अडिग बनी रही. नाजिया को प्रतिष्ठित भारत पुरस्कार प्रदान किया गया है.

National Bravery Award 2018

नेत्रावती चव्हाण
कर्नाटक की 14 वर्षीय नेत्रावती ने तलाब में डूबते हुए बच्चों को बचाया था. वह तलाब पर कपड़े धो रही थी जब उन्होंने दो लड़कों को डूबते हुए देखा.
नेत्रावती ने अपने जीवन की परवाह किए बगैर लड़कों को बचाने के लिए सीधे तालाब में कूद गई . जिसके बाद वह 16 वर्षीय मुथु (16) को बचाने में तो कामयाब रही मगर 10 वर्षीय गणेश और खुद को नहीं बचा पाईं.
बहादुर नेत्रवती को मरणोपरांत गीता चोपड़ा राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

National Bravery Award 2018

सेबेस्टियन विन्सेन्ट
स्कूल से घर वापस आते वक्त सेबेस्टियन के दोस्त अभिजीत एक रेलवे ट्रैक पर गिर गए. सेबेस्टियन उन्हें बचाने के लिए पास गए तभी ट्रेन आ गई लेकिन उन्होंने अपने जीवन को खतरे में डालकर खुद को और अपने दोस्त को बचा लिया.

National Bravery Award 2018

ममता दलाई
उड़ीसा के 6 वर्षीय ममता वीरता पुरस्कार पाने वोलों में से सबसे कम उम्र के लड़के हैं. ममता दलाई ने अपनी बड़ी बहन को बचाने के लिए पांच फुट मगरमच्छ से अकेले ही लड़ पड़े थे. उन्हें बापू गायधनी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

National Bravery Award 2018

लालचंदन
मिजोरम में कक्षा 12वीं के इस लड़के ने नदी में गिरे अपने दोस्त को बचाते हुए अपना जीवन खो दिया. जिस वक्त यह हादसा हुआ तब वह अपने बोर्ड एग्जाम के रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे.

National Bravery Award 2018

लोक्रकपाम राजेश्वरी चानू
मिजोरम की ही इस लड़की ने एक महिला और उसके बच्चे को बचाने में खुद की जान गंवा दी. हुआ यूं था कि इम्फाल की एक नदी का पुल टूटने की वजह से एक मां अपने छोटे से बच्चे के साथ नदी में गिर गई.
जिसके बाद चानू ने यह देखा और उन्हें बचाने के लिए वो भी नदी में छलांग लगा दी मगर वो माता और बच्चे को बचाने में कामयाब रही, लेकिन खुद को बचा नहीं पाई. राजेश्वरी के पिता लकरोकपामराज को उनके मरणोपरांत पुरस्कार दिया गया.

National Bravery Award 2018

बत्सवाजोहन पेइनलांग
मेघालय के पश्चिम खासी पहाड़ियों में से एक 14 वर्षीय लड़के ने एक अनुकरणीय हिम्मत दिखाई, जब उसने अपने तीन साल पुराने भाई को घर में आग से बचाया.
उस दिन उनकी मां एक पास में ही में कपड़े धो रही थी, दोनों भाई खाना पकाने लगे और इसी दौरान आग लग गई. उनका तीन वर्ष भाई अंदर ही रह गया. जिसे बचाने के लिए वह घर के अंदर जाकर अपने भाई को सुरक्षित निकाले.

National Bravery Award 2018

पंकज सेमवाल
16 वर्षीय, पंकज टिहरी गढ़वाल जिले के धर्ममंडल इलाके में नारगाद गांव में रहते हैं. उन्होंने अपनी मां बिमला देवी को 2016 में तेंदुए से हमला होने से बचा लिया था. इसके लिए उन्हें पुरुस्कार दिया गया है.

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नादाफ इजाज अब्दुल रौफ
महाराष्ट्र के 17 वर्षीय नादाफ ने अपनी जिंदगी खतरे में डालते हुए एक बूढ़ी औरत को डूबने से बचाया.

national bravery award 2018

समृद्धी शर्मा
गुजरात की 16 वर्षीय समृद्धी शर्मा की हिम्मत तब देखने को मिली जब एक बदमाश ने घर में घुसकर उनपर हमला किया.
हमले के वक्त समृद्धी बिना डरे सफलतापूर्वक हमलावर का पीछा करते हुए उसके हाथ पर चाकू से चोट करने में कामयाब रही और पुलिस को पकड़वाने तक उसपर अपनी पकड़ बनाए रखी. बता दें कि समृद्धी आगे चलकर भविष्य में डॉक्टर बनना चाहती हैं.

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करणबीर सिंह
अमृतसर जिले के गुगुवाल गांव के 17 वर्षीय करणबीर सिंह भी डीएवी पब्लिक स्कुल की वैन में सवार 18 बच्चों में से एक थे, जो मुहावा गांव के एक पुल से निचे गिर गई थी.
20 सितंबर, 2016 को हुई इस दुर्घटना में सात बच्चों की मौत हो गई थी. लेकिन 17 वर्षीय करण जो खुद भी घायल हो चुके थे ने अपनी समझ दिखाते हुए एक खिड़की के कांच को तोड़कर 15 छात्रों को बचाया था. पंजाब के करणबीर को संजय चोपड़ा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

national bravery award 2018

लक्ष्मी यादव
छत्तीसगढ़ में रायपुर की 16 वर्षीय लक्ष्मी 2 अगस्त 2016 को अपनी दोस्त के साथ बातचीत करते हुए आ रही थी तभी अचानक तीन बाइकर्स ने उन पर हमला कर दिया.
उन्होंने लक्ष्मी का बलात्कार करने के इरादे से अपनी ओर खींचा मगर बहादुर लक्ष्मी किसी तरह बाइक की चाभी को फेंक कर और उन्हें धक्का देकर वहां से भाग गई.
इसके बाद वह निकटतम पुलिस स्टेशन के पास गई और एफआईआर दायर कराकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करा दिया.
लक्ष्मी को भविष्य में एक पुलिस अधिकारी बनने की इच्छा है ताकि वो यह सुनिश्चित कर सके सके कि महिलाएं अपने देश में पूरी तरह सुरक्षित हैं.

national bravery award 2018

चिंगई वांगसा
नागालैंड के 18 वर्षीय चिंगाई ने सितंबर में मोकोचुंग जिले में बसे अपने गांव में एक बुजुर्ग आदमी को आग से बचाया था.

national bravery award 2018

ज़ोनटुल्लूंगा
16 वर्षीय जूनूतुंगला ने एक जंगली भालू के हमले से अपने पिता को बचाया. पिता-पुत्र की जोड़ी सब्जियों को इकट्ठा करने के लिए जंगल में निकली हुई थी तभी एक जंगली भालू ने उनके पिता पर हमला कर दिया. जिसके बाद ज़ोनटुल्लूंगा अपने पिता के बचाव के लिए जंगली भालू से लड़ पड़े.

national bravery award 2018

पंकज कुमार मेहता
ओडिशा के केंझार में 15 वर्षीय पंकज कुमार महंत ने बैतरानी नदी में डूब रही तीन औरतों को बचाया.

national bravery award 2018

मांसा एन, एन सोंगपोण कोंनाक औऱ योनामी
मांसा ने अपने भाई बहनो को पिता के द्वारा मारे जाने से बचाया था. उसके पिता मंसा के भाई बहनों को जान से मारने की कोशिश कर रहे थे तभी 13 वर्षीय मांसा ने अपने पिता से लड़ते हुए सभी भाई बहन को सुरक्षित बचाने में कामयाब रही.
गौरतलब है कि ये सभी वीरता पुरस्कार विजेता कल होनी वाली गणतंत्र दिवस की परेड में भी शामिल रहेंगे.

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