Home विशेष Nota In Gujarat : गुजरात चुनाव में लोगों ने खूब दबाया नोटा,...

Nota In Gujarat : गुजरात चुनाव में लोगों ने खूब दबाया नोटा, राजनेताओं के छूटे पसीने

SHARE
Nota In Gujarat
demo pic

Nota In Gujarat : वोट प्रतिशत में तीसरे पर रहा नोटा

Nota In Gujarat : गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों ने यह साफ कर दिया है कि भाजपा दोनो राज्यों में बहुमत से सरकार बनाने जा रही है.

गुजरात में जहां भाजपा नें 99 सीटें जीती हैं तो वहीं प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस 80 सीटे लाने में कामयाब रही है. वहीं दूसरे राज्य हिमाचल में सत्ताधारी कांग्रेस 21 सीटें मिलने के कारण चुनाव हार गई है तो बीजेपी ने  44 सीटों पर अपना परचम लहराया है.
दोनों राज्यों में हुए ये विधानसभा चुनाव शुरूआत से ही रोचक बने हुए थे. प्रधानमंत्री के गृहराज्य होने के कारण जहां गुजरात चुनाव भाजपा के लिए अहम था वहीं हिमाचल में कांग्रेस अपनी सत्ता को बरकरार रखना चाहती थी.
इस चुनावी दंगल में लोगों को अलग अलग चीजें देखने को मिली जिसकी शायद कभी किसी ने कल्पना भी ना कि हो. और आखिर में चुनावी नतीजों में भी राजनितिक पार्टियों को जनता का एक ऐसा मूड देखने को मिला जो शायद आने वाले समय में तमाम नेताओं के लिए मुश्किन बन सकता है.
दरअसल इस बार के गुजरात विधानसभा चुनावों में मतदाताओं ने नोटा यानि की कोई भी उम्मीदवार पसंद नहीं वाला बटन खूब दबाया है. यहां तक की नोटा पर पड़े कुल वोटों की संख्या बसपा,आप और एनसीपी जैसी बड़ी पार्टियों के वोटों से भी ज्यादा रही है.
यह भी पढ़ें – Gujarat Election : सूरत में सरदार मनमोहन सिंह की असरदार बातों से भाजपा हुई चित
क्या है नोटा ?
2013 में छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और मिजोरम के विधानसभा चुनावों मे पहली बार नोटा को ईवीएम में एक ऑप्शन के तौर पर जोड़ा गया था.
इसका मुख्य उद्देश्य यह था कि अगर मतदाता चुनाव में खड़े हुए उम्मीदवार में से किसी को भी पसंद नहीं करता है तो वो इस नोटा का बटन दबा सकता है.
इस बटने के दबाए जाने के बाद उसका वोट किसी भी उम्मीदवार को नहीं मिलता है.या यूं कहें कि इस बटन के प्रयोग से मतदाता ये बता सकता है कि चुनाव मैदान में उतरा कोई भी म्मीदवार उनका प्रतिनिधि बनने लायक नहीं है.
यह भी पढ़ें – Sonia Gandhi : विदेशी मूल की होने के बावजूद, देश की राजनीति में मिसाल हैं ‘मैडम सोनिया’
गुजरात में नोटा तीसरे नम्बर पर
गुजरात चुनाव के नतीजों की गणना के बाद यह पता चला है कि राज्य के 5,51,294 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाकर अपने इलाके के उम्मीदवारों को खारिज किया है. यहीं नहीं नोटा राज्य का तीसरा सबसे ज्यादा वोट पाने वाला विकल्प बन गया है.
गुजरात में आम आदमी पार्टी ने  29 सीटों पर चुनाव लड़ा था जहां उसके उम्मीदवारों को 29,517 वोट मिले जबकि उन्ही सीटों पर नोटा को 75,880 लोगों ने अपने विकल्प के तौर पर चुना है. आपको बता दें कि गुजरात चुनाव में नोटा का वोट शेयरिंग 1.8 प्रतिशत जबकि हिमाचल में 0.9 रहा.

For More Hindi Positive News and Positive News India Follow Us On FacebookTwitterInstagram, and Google Plus