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Oxfam Report 2018 : देश की 73 फीसदी संपदा पर 1 फीसदी अमीरों ने जमाया कब्जा, 1 साल में 20.9 लाख करोड़ की बढ़ोतरी

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Oxfam Report 2018
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Oxfam Report 2018 : अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी यही हालात

Oxfam Report 2018 : प्रधानमंत्री मोदी का देश में अमीर और गरीब के बीच के अंतर को कम करने का वादा लगता है फीका साबित हो रहा है.

हम ऐसा इस वजह से कह रहे हैं क्योंकि एक नए सर्वें में देश के अंदर बढ़ती आय असमानता की हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है.
दरअसल हाल ही में किए गए एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि भारत में साल 2017 में 1 फीसदी अमीरों ने देश की पिछले साल की अर्जित संपंत्ति का कुल 73 फीसदी के हिस्से पर कब्जा जमाया है.
ऑक्सफेम इंटरनेशनल द्वारा जारी किए गए इन आकड़ों के अनुसार साल 2017 के दौरान भारत के एक फीसदी अमीरों की संपदा में 20.9 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई जो देश की 2017-18 के कुल बजट के बराबर है.
जबकि साल 2016 के ऑक्सफेम के आकड़ों में देश के 1 फीसदी अमीरों के पास देश की आर्थिक कमाई का 58 फीसदी हिस्सा था. एक साल के भीतर ही 13 फीसदी की बढ़ोतरी यह दिखाती है कि देश में अमीर और गरीबों के बीच की खाई और ज्यादा बढ़ रही है.
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अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी यही हालात
हालांकि यह हालात सिर्फ भारत में ही नहीं बने हैं वैश्विक स्तर पर भी अमीर और गरीबों के बीच असमानता काफी ज्यादा देखनी को मिली है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार विश्व की पिछले साल सृजित की गई कुल आय का 82 फीसदी हिस्सा दुनिया के 1 प्रतिशत अमीरों के पास सीमित है जबकि दुनिया के बेहद गरीब 3.7 अरब लोगों की संपत्ति में कोई वृद्धि दर्ज नहीं हुई है.
बता दें कि इन आकड़ों को इंटरनेशनल राइट्स ग्रुप ऑक्सफैम द्वारा हर साल हाने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के कुछ घंटो पहले जारी किया जाता है.
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भारत में बढ़ रही अरबपतियों की संख्या
इस रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल 2017 देश में 17 नए व्यक्ति अरबपति बने हैं जिसके बाद अब देश में कुल अरबपतियों की संख्या 101 हो गई है.
वहीं इनकी कुल संपदा की बात करे तो वो अब 20.7 लाख करोड़ से ज्यादा की हो गई है जो कि सभी राज्यों कि स्वास्थ्य और शिक्षा बजट के 85 फीसदी के बराबर है.
ऑक्सफेम इंडिया की सीईओ निशा अग्रवाल ने इस आकड़ों के संदर्भ में इस एक चेतावनीजनक स्थिति करार दिया है.
उन्होंने बताया कि इस ताजा अध्ययन से पता चलता है कि अब भारत की आर्थिक तरक्की का लाभ कुछ लोगों के हाथों में केंद्रित हो गया है.