पाक चुनाव में इस बार महिला उम्मीदवारों की दमदार भागीदारी, कानून बनाकर दिया गया अधिकार

Women Candidate Pakistan Election 2018
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Women Candidate Pakistan Election 2018 : पाकिस्तान में होने वाले चुनावों की कुछ खास महिला उम्मीदवारों के बारे में, जानिए

Women Candidate Pakistan Election 2018 : पाकिस्तान में इन दिनो प्रधानमंत्री पद के लिए होने वाले आम चुनावों की तैयारी जोरों पर है.

25 जुलाई को पड़ने वाले मतदान से पहले सभी पार्टियां अपनी अपनी सीटों पर जीत सुनुश्चित करने के लिए खूब पसीना बहा रही हैं
पाकिस्तान चुनाव आयोग के आकड़ों के मुताबिक इस बार करीब 10 करोड़ 65 लाख लोग वोट देंगे जिसमें 5.92 करोड़ पुरुष और 4.67 करोड़ महिला वोटरों की संख्या है.
बता दें कि पाकिस्तान में इस बार के आम चुनावों में महिला उम्मीदवारों की हिस्सेदारी पहले के मुकाबले काफी बढ़ाने की कोशिश की गई है, इसके लिए वहां नए कानून तक बनाए गए हैं.
वहां के 2017 इलेक्शन एक्ट के मुताबिक हर चुनाव लड़ने वाली पार्टी को सामान्य सीटों पर भी कम 5 प्रतिशत सीटों पर महिला उम्मीदवारों को टिकट देना अनिवार्य है.
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हालांकि पहले से ही पाकिस्तान नेशनल असेंबली की 342 सीटों में 60 महिलाओं के लिए आरक्षित थीं लेकिन अब हर पार्टी के लिए महिला उम्मीदवार की अनिवार्यता ने वहां की राजनीति को और मजबूत करने का काम किया है.
इसके अलावा महिलाओं की वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने के लिए भी नए कानून में प्रावधान किया गया है. जिसके तहत अगर किसी सीट पर महिलाओं की वोटिंग 10 प्रतिशत से कम रही तो वहां दोबारा से वोटिंग कराई जाएगी.
दरअसल पिछले बार के हुए आम चुनावों में देखा गया था कि पाकिस्तान के कई इलाके ऐसे थे जहां महिला वोटिंग प्रतिशत काफी कम रहा था.
गौरतलब है कि इस नए कानून के तहत पार्टियों ने जिन महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है वो अपने अपने चुनावी क्षेत्र में प्रचार का जिम्मा संभाले हुई हैं. जिसमें बड़ा नाम पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम शरीफ का भी हैं.
आइए जानतें हैं पाकिस्तान में होने वाले चुनावों की कुछ खास महिला उम्मीदवारों के बारे में…
मरियम नवाज – मरियम नवाज पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान मुस्लिम लीग के नेता नवाज शरीब की बेटी हैं. मरियम ने 2012 में राजीति में कदम रखा था और अब पहली बार किसी चुनाव में बतौर उम्मीदवार खड़ी हो रही हैं.
इस बार वो लाहौर की एनए-127 सीट से चुनाव लड़ रही है. हालांकि पाक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने एक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपना नामंकन कराया है जिसका मतलब है कि वो अपनी पार्टी के टिकट पर चुनाव नहीं लड़ रही.
नूर जहां – इन चुनाव में बॉलीवुड के बादशाह कहे जाने वाले शाहरूख की चचेरी बहन नूर जहां भी मैदान में है. नूर खैबर पख्तूनख्वा की असेंबली सीट पीके-77 से निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं. बता दें कि इससे पहले वो अपने वार्ड की सभासद भी रह चुके हैं.
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जरताज गुल वजीर – जरताज को पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए इंसाफ ने टिकट दिया है. वो नेशनल असेंबली की सीट नंबर 191 से चुनाव लडेंगी.
हालांकि 2013 में में भी जरताज सीट नंबर 172 से चुनाव लड़ी थी मगर उस समय वो हार गई थी.
आयशा गुलाली – इमरान खान की पार्टी से अलग हो चुकी आयशा पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (गुलाली) नाम की पार्टी बनाई है और वो इसी से चुनाव लड़ रही हैं.
हमीदा रशीद – हमीदा रशीद का नाम इस चुनाव में इस वजह से खास है क्योंकी उनकी पार्टी ने उन्हे ऐसी जगह से उतारा है जहां पहले के चुनावों में महिलाओं को वोट देने की इजाजत नहीं थी.
हमीदा इस समय खैबर पख्तूनख्वा की प्रांतीय असेंबली सीट 10 से पीटीआई पार्टी की उम्मीदवार हैं.
भले ही पाकिस्तान की छवि दुनिया में एक आतंक पोषित देश की रही हो मगर इस बार के चुनावों में उसने जिस तरह से महिलाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश की है वो वाकई काबिले तारीफ है.
ये उन देशों के लिए एक बेहतर उदाहरण है जिनके यहां महिलाएं आज भी देश की राजनीति से खुद को अछूता मानती है.