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दिल्ली की 52 वर्षीय अंजू ने इस अनोखे खेल में रचा इतिहास, देश के लिए बनी मिसाल

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Anju Khosla Ironman Triathlon
साभार - फेसबुक

Anju Khosla Ironman Triathlon : दुनिया के एकदिवसिय कठिन खेलों में से एक आयरनमैन ट्रायथलॉन को पूरा किया

Anju Khosla Ironman Triathlon : अक्सर लोग 50 के पार हो जाने के बाद अपनी रिटयरमेंट की प्लानिंग करना शुरू कर देते है, मगर इन्हीं में से कुछ ऐसे भी रहते हैं जो इस उम्र में कुछ ऐसा कर देते हैं जो कि एक इतिहास बन जाता है.

आज जब प्रधानमंत्री मोदी देश में फिटनेस को लेकर जागरुकता बढ़ा रहे हैं दिल्ली की अंजू खोसला इसे गंभीरता से लेते हुए एक अलग ही मिसाल कायम कर चुकी हैं.
दरअसल अंजू खोसला आज उन सब लोगों के लिए एक मिसाल बन गईं हैं जो ये सोचते हैं कि 50 की उम्र पार करने के बाद व्यक्ति अपनी शारिरीक क्षमता कमजोर खो देता है.
लेकिन अंजू ने इस मानसिकता को झुटलाते हुए 52 वर्ष की उम्र में  आयरनमैन ट्रायथलॉन को पूरा किया है. यही नहीं वो ऐसा करने वाली सबसे उम्रदराज भारतीय महिला भी बन गई है.
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दुनिया के सबसे कठिन एकदिवसिय खेलों मे से एक ट्रायथलॉन में अंजू ने ऑस्ट्रिया के कारिंथिया में 15 घंटे, 54 मिनट और 54 सेकंड में अपना पहला पूर्ण आयरनमैन ट्रायथलॉन पूरा किया.
बता दें कि इस खेल में 3.86 किमी का स्विमिंग लेग होता है, जिसके बाद 180.25 किमी साइकिल से जाना होता है और अंत में (42.2 किमी) की मैराथन पूरी करनी होती है वो भी बिना किसी ब्रेक लिए.
हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में अंजु ने बताया कि वो पिछले 10 सालों से इस खेल के लिए धीरे-धीरे कोशिश कर रही थी लेकिन अब जाकर वो इसे पूरा करने में कामयाब हुई हैं .
खास बात हैं कि अंजू इसे पूरा करने वाली भारत की पहली उम्रजराज महिला है. हालांकि उनसे पहले यह उपलब्धि भारत की ही पांच महिलाओं ने और हासिल किया है लेकिन ये सब उनसे उम्र में छोटी थी.
अंजु बताती हैं कि उनका परिवार बहुत फिटनेस फ्रीक है यही वजह है कि उन्हें कभी कोई परेशाी नहीं हुई.
अपनी खुद कि फिटनेस के बारे में बात करते हुए अंजु ने कहा कि हमारी आयु जीवन में नए अनुभव लाती है लेकिन यह शरिरीक तौर पर आपको सीमित भी करता है.
उन्होंने कहा कि अब उनका शरीर 30 वर्ष की तरह ट्रेन नहीं हो सकता है. लेकन फिर भी उन्होंने हिम्मत करके खुद को इस खेल के लायक बनाया, अंजु कहती हैं कि वो एक सैन्य अधिकारी की बेटी हैं इसलिए उनके अंदर ये यह सब बचपन से ही था.
अंजू ने कहा कि उन्होंने एक दशक पहले ही साइकिल चलाना शुरू किया और फिर धीरे-धीरे बाकी दोनों चीजों में भी प्रशिक्षण हासिल करने के बाद इस ट्रॉयलथॉन में जाने का फैसला किया.
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गौरतलब है कि ऑस्ट्रिया में 2,761 प्रतियोगियों में से 2,315 ने यह ट्रॉयलय़थॉन पूरी की. अपनी ऐज घ्रुप के 41 लोगों में अंजू 38वें नंबर पर रही.वहीं सभी 336 महिला एथलीटों में से वो 319 वें और कुल 2,257 वें स्थान पर थीं.
अंजू ने कहा कि वो अपने पुणे स्थित कोच कौस्तुभ राडकर के दिए गए प्रशिक्षण के लिए धन्यवाद देती है,जिसके कारण वो आयरनमैन ट्रायथलॉन को पूरा कर सकी हूं.
इसके अलावा वो अब अपने पति के साथ भी इसे पूरा करने की इच्छा रखती हैं.