Home टेक न्यूज़ Cyber Crime Data : पिछले 3 साल में साइबर धोखाधड़ी के मामलों...

Cyber Crime Data : पिछले 3 साल में साइबर धोखाधड़ी के मामलों में हुआ तेजी से इजाफा – भारत सरकार

SHARE
cyber crime data
demo pic

Cyber Crime Data : बचाव के लिए सरकार उठा रही कदम

Cyber Crime Data : लोगों के बीच ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से जहां पैसों का लेनदेन आसान हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ यह ठगी करने वाले अपराधियों के लिए भी एक सुनहरा प्लेटफार्म साबित हो रहा है.

ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि सरकार की तरफ से जारी किए गए ताजा आकड़े बता रहे हैं.
शुक्रवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल के जवाब में भारत सरकार ने माना कि पिछले तीन सालों में साइबर अपराध से जुडें मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है.
दरअसल कांग्रेस के सांसद टी सुब्बारामी रेड्डी ने संसद में बैंक कार्ड और ई वॉलेट से लेनदेन में होने वाली धोखाधड़ी सहित अन्य साइबर अपराधों के ताजा आकड़ों के बारे में जानकारी मांगी थी.
जिसके जवाब में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने अपनी तरफ से पेश आकड़ों में बताया कि 2014 में साइबर अपराध से जुडे 9622 शिकायतें दर्ज कराई गई थी, जो कि साल 2015 में बढ़कर 11592 और साल 2016 में 12317 हो गयी.
श्री रविशंकर प्रसाद ने राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों के हवाले से बताया कि इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिपोर्ट टीम ने क्रेडिट कार्ड एवं अन्य ऑनलाइन लेनदेन के तरीकों से जुड़ी निजी जानकारियों की सेंधमारी संबंधी 79 मामले पिछले 3 साल में दर्ज किये हैं .
वहीं रिजर्व बैंक ने क्रेडिट कार्ड संबंधी धोखाधड़ी के साल 2014-15 में 13083, साल 2015-16 में 16468 और साल 2016-17 में अप्रैल से सितंबर तक की तिमाही के दौरान 13653 मामले दर्ज किये हैं.
यह भी पढ़ें – Mobile Aadhar Link : इस टोल फ्री नंबर पर कॉल कर घर बैठे मोबाइल सिम को करें आधार से लिंक
सरकार ने उठाए कई कदम
रविशंकर प्रसाद ने संसद में कहा कि भारत सरकार इंटरपोल और सीबीआई के साथ मिलकर इन अपराधों से निपटने की दिशा में काम कर रही है.
उन्होंने बताया कि लोगों को इस तरह के होने वाले अपराधों की समस्या से बचाने के लिए सरकार ने विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन धोखाधड़ी की जांच संबंधी प्रयोगशालायें स्थापित कर इनके प्रभावी संचालन के लिये सैकड़ों अधिकारियों की तैनाती की है.
इसके अलावा बाल पोर्नोग्राफी से जुड़ी वेबसाइटों की भी पहचान कर इन पर रोक लगाने की कार्रवाई की जा रही है.
मंत्री रविशंकर ने यह भी बताया अभी फिलहाल ऑनलाइन लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की तरफ से बनाए गए ‘भीम एप’ से जुड़ा धोखाधढ़ी का कोई भी मामला सामने नहीं आया है.