ISRO ने भारतीय वायुसेना के लिए महत्वपूर्ण GSAT -7A सैटेलाइट को किया लांच

ISRO GSAT 7A Satellite
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ISRO GSAT 7A Satellite : इस सैटेलाइट को इंडियन ऐग्री बर्ड नाम भी दिया गया है.

ISRO GSAT 7A Satellite : भारतीय स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने एक और कामयाबी अपने नाम करते हुए आज GSAT -7A सैटेलाइट लांच कर दिया है.

बता दें कि इसरो की इस कम्यूनिकेशन सैटेलाइट को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस स्टेशन
से शाम 4 बजकर 10 मिनट पर लांच किया गया.
इस सैटेलाइट को इंडियन ऐग्री बर्ड नाम भी दिया गया है जो कि इस साल का इसरो का 17वां और आखिरी मिशन कहला रहा है.
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इसरो के मुताबिक ये भारतीय वायुसेना(IAF) के लिए काफी अहम रोल निभाएगा और उनके एसेट्स को जोड़ने में मदद करेगा.
8 प्वाइंट्स में जानें GSAT -7A के फीचर्स
1.इसका कुल वजन 2,250 किलोग्राम है जिसे चौथी पीढ़ी के GSLV-F11 प्रक्षेपण यान से आज शाम लांच किया गया.
2.मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सैटेलाइट की लागत 500-800 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
3. ये सैटेलाइट इंडियन एयरफोर्स (IAF) के तमाम रडार स्टेशनों, एयरबेस और AWACS एयरक्राफ्ट को जोड़ने का काम करेगा.
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4. जानकारों के मुताबिक इसके मदद से एयरफोस की युद्ध क्षमताओं को मजबूति मिलेगी और साथ ही साथ ग्लोबल ऑपरेशन को बी बढ़ावा मिलेगा.
5. ये वायु सेना के विमान को हवा में मौजूद अर्ली वार्निंग कंट्रोल प्लेटफॉर्म, ड्रोन तथा ग्राउंड स्टेशनों को एक साथ जोड़ने का काम करेगा.
6. इस सैटेलाइट में 4 सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिनके जरिए करीब 3.3 किलोवाट बिजली पैदा की जा सकती है.
7. इसमें कक्षा में आगे-पीछे जाने या ऊपर जाने के लिए बाई-प्रोपेलैंट का केमिकल प्रोपल्शन सिस्टम भी दिया गया है.
8. भारतीय वायुसेना के अलावा ये ये सैटेलाइट नेवी के फाइटर शिप, सबमरीन और एयरक्राफ्ट को भी कम्यूनिकेश की सुविधाएं प्रदान करेगा.

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