70 करोड़ Email-ID हुई हैक, इस तरह करें चेक कहीं आप भी तो लिस्ट में नहीं !

Email IDs Hacked
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Email IDs Hacked : अगर आपको भी शक है आपकी id हैक हुई है तो ऐसे करें चेक

Email IDs Hacked : अभी साल 2019 शुरू ही हुआ था कि एक बार फिर हमारे निजी जानकारियों पर साइबर अटैक से जुड़ी एक ऐसी खबर आयी है जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है.

दरअसल पता चला है कि इस बार कुछ लाख नहीं बल्कि पूरी 70 करोड़ ईमेल आईडी हैक हो गयी हैं और सबसे चिंता की बात यह है की इन सभी आईडी का इस्तेमाल कैसे होगा ये कोई नहीं जानता.
Email IDs Hacked
हैक होने की ऐसे मिली जानकारी
दरअसल, रिसर्चर ट्रॉय हंट के मुताबिक पिछले हफ्ते उससे कई लोगों ने संपर्क किया और उसे चर्चित क्लाउड सर्विस मेगा की एक बड़ी फाइल के बारे में जानकारी दी.
उन्होंने बकाएदा इस डेटा लीक का पता लगाने के बाद इसे ‘troyhunt.com’ पर मेंशन किया है.
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बता दें की इस कलेक्शन में लगभग 12,000 से ज्यादा फाइल मौजूद हैं, जिनका साइज लगभग 87 जीबी है.
हंट ने बताया की मेरा खुद का पर्सनल डेटा भी वहां मौजूद है और वह सही भी है, उन्होंन कहा की मैं सालों पहले पहले एक ईमेल एड्रेस और पासवर्ड इस्तेमाल करता था, जो वहां मौजूद है.’
अगर आपको भी शक है आपकी id हैक हुई है तो ऐसे करें चेक
वेसाइट के इस लिंक https://haveibeenpwned.com  पर क्लिक कर आप अपनी ID डालेंगे तो दो तरह के सन्देश आएंगे
1.Good News You Are Safe मतलब ID हैक नहीं हुई है.
2. You Have Been Bwned जिसका मतलब है id हैक है, ऐसा होने पर आप तुरंत जाकर अपनी ID पासवर्ड बदल लें.
साल 2013 के बाद सबसे बड़ा हैक
बता दें साल 2013 में करीब 300 करोड़ लोगों का डाटा हैक हुआ था जिसके बाद माना जा रहा है कि अगर ये बात सच है तो यह दूसरा सबसे बड़ा डाटा लीक होगा.
इस बार ट्रॉय हंट वेबसाइट के मुताबिक दुनियाभर में लगभग 77.3 करोड़ ईमेल आईडी हैक हुई हैं, साथ ही लगभग 2.1 करोड़ पासवर्ड भी हैक हुई हैं। 
सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी हैकर्स रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं और लगातार इस तरह के डाटा लीक सामने आ रहे हैं.
ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि आज की दुनिया में किसी का कुछ भी सुरक्षित नहीं हैं.
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कौन है जिम्मेदार
दरअशल सीधे तौर पर देखा जाए तो इस तरह की हैकिंग का जिम्मेदार हम और और आप ही रहते हैं,हो सकता है हमारी ये बात आपको बुरी लगे मगर शत प्रतिशत सही है.
ऐसा क्यों चलिए बताते हैं, ज्यादातर ऐप्स को यूज करने के लिए लॉग इन की जरूरत होती है. लॉग इन में तीन ऑप्शन आम तौर पर मिलते हैं जिनमें एक क्रिएट न्यू अकाउंट, लॉग इन और लॉग इन विद जीमेल/फेसबुक.
हम लोग अपनी आसानी के लिए Gmail का ऑप्शन लेते हैं ऐसे में इस ऐप को एक टोकेन दिया जाता है और यह आपके जीमेल अकाउंट से जुड़ कर आपकी डीटेल्स लेता रहता है.
इस स्थिति में उस ऐप डेवेलपर को आपकी जानकारी हासिल करने में आसानी होती है और कोई हैकर्स उन ऐप्स को टार्गेट करके आपका पासवर्ड भी ले सकता है.
यहां एक बात समझने वाली है की हम जीमेल पर तो भरोसा कर सकते हैं मगर उस थर्ड पार्टी ऐप पर कैसे भरोसा कर पाएंगे जिसे आपने अपनी एक छोटी से जरूरत जैसे गेम खेलने के लिए
जीमेल का ऐक्सेस दे रखा था.