देश में बना कॉल ड्राप घटाने व 5G सुविधा देने वाला पहला चिपसेट

India First Electronic Chipset

India First Electronic Chipset : बेंगलुरू की सांख्य लैब्स ने पृथ्वी 3 नामक ये इलेक्ट्रानिक्स चिपसेट को पेश किया है.

India First Electronic Chipset : अगर आप भी बात करने के दौरान नेटवर्क की दिक्कत से कॉल कट जाने यानी कॉल ड्राप ऍर खराब सिग्नल  से परेशान रहते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है.

दरअसल बेंगलुरू स्थित सांख्य लैब्स ने बुधवार को नई तकनीकों से लैस पृथ्वी 3 नामक एक इलेक्ट्रानिक्स चिपसेट को पेश किया है.
बताया जा रहा है कि इस चिपसेट का इस्तेमाल मोबाइल उपकरणों पर टीवी प्रसारण, कॉल ड्रॉप में कमी लाने और 5जी कनेक्शन के लिए भविष्य में किया जाना है.
बता दें कि इस चिपसेट को पेश किए जाने के आयोजित कार्यक्रम में दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने भी शिरकत करी थी.
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मंत्री जी ने इस मौके पर कहा कि बेंगलुरु स्थित कंपनी सांख्य लैब्स ने देश में डिजाइन किया गया और विकसित दुनिया का पहला और सबसे उन्नत एवं अगली पीढ़ी का टीवी चिप पेश किया है.
उन्होंने कहा की हमारे देश में टेलीकॉम कंपनियों द्वारा इस्तेमाल हो रहे सभी इलेक्ट्रॉनिक्स चिपसेट का निर्माण विदेशों में हुआ है.
ऐसा इसलिए क्योंकी अभी तक आधुनिक सेमीकंडक्टर (अर्धचालक) का निर्माण करने वाला कोई भी संयंत्र भारत में नहीं था.
सिन्हा ने कहा की चिपसेट आधुनिक उपकरणों के सबसे अहम हिस्सा होते हैं.साथ ही उन्होंने ये भी जानकारी दी की इस चिपसेट में दुनिया का पहला व सबसे आधुनिक बहुस्तरीय नई पीढ़ी का टीवी तंत्र मौजूद है.
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सिन्हा जी ने कहा की मुझे यह भी बताया गया है कि इस ब्रॉडबैंड-ब्रॉडकास्ट संमिलन प्रौद्योगिकी में कॉल की गुणवत्ता को बढ़ाने व घटाने की भी क्षमता है, जो आज टेलीकॉम कंपनियों की सबसे बड़ी समस्या है.
वहीं कंपनी के सह-संस्थापक व सीईओ पराग नाइक ने कहा कि यह चिपसेट मोबाइल नेटवर्क से वीडियो सामग्री को अलग रखने में मदद करता है,जिससे स्पेक्ट्रम पर भार नहीं पड़ता और कॉल की गुणवत्ता में भी काफी सुधार होता है.
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बतौर पराग सांख्य लैब्स के पृथ्वी -3 चिपसेट मोबाइल फोन पर सीधा वीडियो प्रसारण की सुविधा देता है.
इसकी सबसे बड़ी खआसियत है कि ये किसी भी एंड्रॉयड स्मार्टफोन को सैटेलाइट फोन में भी बदलने में मदद करता है.
हालांकी नाइक ने बताया की कंपनी अपने इस चिपसेट पर आधारित उत्पाद एक डांगल के रूप में और इस पर आधारित मोबाइल फोन को अगले दो सालों में उतारने की तैयारी कर रही है.