इलेक्ट्रॉनिक्स कबाड़ से बनेगें ‘टोक्यो ओलंपिक 2020’ के मेडल

Olympic Medals From E-Waste

Olympic Medals From E-Waste : अगले साल जापान के टोक्यों शहर में आयोजित होगा ओलपिंक

Olympic Medals From E-Waste : किसी भी देश व उसके खिलाड़ियों के लिए ओलंपिक खेलों में मेडल जितना कितना मायना रखता है ये किसी को बताने की जरूरत नहीं है.

हर खिलाड़ी का सपना होता है की वो जीवन में एक बार अपने और देश के लिए ओलंपिक पदक जरूर जीते, इसके लिए वो दिन रात कड़ी मेहनत भी करता है.
जैसा की आप सभी को पता होगा की साल 2020 में जापान में ओलम्पिक खेलों का आयोजन होने वाला है.
लेकिन इस बार ये सिर्फ पदक विजेताओं के नाम के लिए नहीं बल्कि उन्हें दिए जाने वाले मेडल के लिए भी काफी लोक्रप्रिय रहेगा.
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ऐसा इसलिए क्योंकी खेल प्रतियोगिताओं में जीतने वाले योद्धाओं की गले की शान बनने वाले ये मेडल कबाड़ में फेंके गए स्मार्टफोन, लैपटॉप, डिजिटल कैमरे और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान से बनाए जाएंगे.
इन खेलों में दिए जाने वाले मेडल को बनाने में पूरे 100 फीसदी रिसाइकल्ड मैटिरियल का इस्तेमाल किया जाएगा.
बता दें की ये फैसला टोक्यो ओलंपिक की आयोजन समिति ने किया है.
उन्होंने ने स्मार्टफोन, लैपटॉप, डिजिटल कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों के पदक विजेताओं के लिए मेडल तैयार करने का अनोखा कदम उठाया है.
यही नहीं इसे पूरा करने के लिए नवंबर 2018 तक आयोजकों ने 47,488 टन ऐसे उपकरण भी एकत्र कर लिए हैं.
इन उपकरणों से 5000 पदक बनाने के लिए 8 टन सोना,चांदी और कांस्य निकाला जाएगा.
आयोजन समिति के मुताबिक कांस्य पदक के लिए जरुरी धातु जुटाने का लक्ष्य जून 2018 में हासिल कर लिया गया था. जबकि स्वर्ण और रजत पदक के लिए आगामी 31 मार्च तक लक्ष्य पूरा हो जाएगा.

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फिलहाल स्वर्ण मेडल के लिए 30.3 किलोग्राम लक्ष्य में से 93.7 फीसदी और रजत पदक के लिए 4100 किलोग्राम में से 85.4 फीसदी का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है.
वहीं पदकों का डिजाइन 2019 के आखिरी तक आम जनता के सामने आ जाएगा.
गौरतलब है की टोक्यों में अगले साल यानी की 2020 में 24 जुलाई से 9 अगस्त तक ओलंपिक खेलों का आयोजन प्रस्तावित है.