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व्हाट्स अप यूजर्स हो जाओ सावधान, सुप्रीम कोर्ट ने जताई डाटा शेयर की आशंका..जानिए पूरा मामला

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अगर आप सोशल मेसेंजर व्हाट्स अप का इस्तेमाल कर रहे हैं तो सतर्क हो जाइए. हो सकता है कि व्हाट्स अप पर मौजूद आपके डाटा (जानकारी) को आर्थिक लाभ के लिए किसी और के साथ शेयर किया जा रहा हो.
सुप्रीम कोर्ट का शेयर की संभावनाओं से इंकार नहीं

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा कि व्हाट्स अप से डाटा शेयर की काफी शिकायतें आ रही हैं, हो सकता हो इसमें सच्चाई भी हो.

न्यायधीश ने कहा कि व्हाट्स अप पर यूजर्स का निजी नंबर फीड होता है, इसलिए शायद बिजनेस प्रॉफिट के लिए यूजर्स का डाटा फेसबुक या अन्य पार्टियों के साथ शेयर किया जा रहा हो.

न्यायाधीश ने कहा कि व्हाट्स अप और फेसबुक का स्वामी एक (मार्क जुकरबर्ग) है, लेकिन यूजर्स का निजी डाटा फेसबुक के साथ साझा करना गैरकानूनी है.

क्योंकि यूजर्स व्हाट्स अप यूज कर रहे हैं, और उन यूजर्स के डाटा को प्रोटेक्शन देना व्हाट्स अप की जिम्मेदारी है. उन्हें फेसबुक से कोई लेना-देना नहीं इसलिए इस बारे में जांच कराई जानी चाहिए.

इंटरनेट के युग में देश में डाटा प्रोटेक्शन कानून क्यों नहीं

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने सरकार को भी फटकार लगाते हुए पूछा है कि आप इस गंभीर मामले में क्या कर रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आज इंटरनेट का जमाना है, साइबर क्राइम में तेजी से इजाफा हो रहा है, इसके बावजूद भी देश में नेट डाटा प्रोटेक्शन संबंधी कोई कानून अभी तक नहीं बना है.

इस पर सरकार का पक्ष रखते हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार ने डाटा प्रोटेक्शन के लिए एक कमेटी बनाई है. जिसके प्रमुख सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज बीएम श्रीकृष्ण हैं.

उन्होंने कहा कि कमेटी जैसे ही अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगी, उस पर तुरंत ही एक्शन लिया जाएगा.

व्हाट्स अप पर डाटा शेयर करने का आरोप

एक याचिकाकर्ता ने व्हाट्स अप प्राइवेसी पॉलिसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी.
जिसमें कहा गया था कि व्हाट्स अप और फेसबुक का मालिक एक होने के कारण व्हाट्स अप अपनी फेसबुक कंपनी को प्रमोट करने के लिए यूजर्स का डाटा शेयर कर रहा है.

व्हाट्स अप को चार सप्ताह का अल्टीमेटम

सुप्रीम कोर्ट ने सुनावाई में व्हाट्स अप कंपनी से चार सप्ताह के भीतर कोर्ट में एफिटेविट जमा करने के आदेश दिया हैं.
कोर्ट ने कहा कि एफिडेविट में व्हाट्स अप कंपनी यह बताए कि वह सच में यूजर्स का डाटा फेसबुक या अन्य दूसरी कंपनियों के साथ शेयर तो नहीं कर रही?