Home गांव चौपाल महाराष्ट्र- रोजाना 2 से 3 किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर

महाराष्ट्र- रोजाना 2 से 3 किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर

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फोटो साभार-डेली पोस्ट
फोटो साभार-डेली पोस्ट
कई राज्यों में सरकार द्वारा किसानों के कर्ज माफी की घोषणाओं के बाद भी किसानों की आत्महत्याओं का सिलसिला थम नहीं रहा है. किसानों की आत्महत्या का गढ़ कहे जाने वाले महाराष्ट्र में पिछले आठ महीने में 580 किसानों की आत्महत्याएं दर्ज की गई हैं.
वहां के ऐसे हालात तब है जब वहां के मुख्यमंत्री ने किसानों की ऋण माफी की घोषणा कर चुके हैं
औरंगाबाद के विभागीय आयुक्त की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल अभी तक सिर्फ अकेले मराठवाड़ा में ही 580 किसान खुदकुशी कर चुके हैं. इस रिपोर्ट को 1 जनवरी 2017 से 13 अगस्त 2017 के बीच एकत्र किए गए आकड़ो के आधार पर बनाया गया है.
रिपोर्ट के मुताबिक मराठवाड़ा में औसतन 2 से 3 किसान रोजाना आत्महत्या कर रहे हैं.
मराठवाड़ा महाराष्ट्र का सबसे ज्यादा सूखा झेलने वाला इलाका है. मराठवाड़ा में इस साल भी बारिश नहीं के बराबर हुई है. जिसके बाद फिर यह इलाका सूखे की मार झेलने के लिए मजबूर है. यह इलाका पिछले पांच सालों से लगातार सूखे की मार झेल रहा. लेकिन अभी तक राज्य सरकार यहां सिंचाई के लिए कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बना पाई है.
हालांकि नई सरकार गठन के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित इलाकों के लिए 1300 करोड़ रूपए का आवंटन किया था. मगर अफसोस की बात है कि यह पैसा किसानों पर खर्च किया गया कि नहीं इसका कोई डेटा सरकारी फाइलों में उपलब्ध नहीं है.
वहीं विपक्ष के कांग्रेस नेता अनंत गाडवील ने इन आकड़ों को काफी चौंकाने वाला बताया है. उन्होंने कहा कि हम राज्य सरकार से 2 साल से किसानों के ऋण माफी के लिए कह रहे हैं. मगर सरकार में हमारी कोई सुनता ही नहीं है.
लेकिन हमारी पार्टी के नेताओं ने अपने स्तर पर राज्य में घूम-घूम कर किसानों से उनकी समस्या को जानने के लिए सीधा संवाद कर रहे हैं.
रिपोर्ट के अनुसार मराठवाड़ा में इस साल खुदखुशी करने वाले 580 किसानों में से 400 को मुआवजे के लिए पात्र बताया गया है. जबकि 100 अपात्र ठहराए गए हैं,और 80 मामलों की अभी जांच चल रही है.