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Israel Agriculture Technology : इजरायल रक्षा उपकरणों में ही नहीं, आधुनिक खेती में भी है बिग बॉस

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Israel Agriculture Technology : आज हर देश अपना रहा इजरायल की तकनीक

Israel Agriculture Technology : इजरायल ने अपने आधुनिक रक्षा उपकरणों के दम पर दुनिया में अपनी धाक जमा रखी है, लेकिन इसके साथ ही साथ उसने अपनी एडवांस्ड तकनीक से भी खेती के क्षेत्र में महारथ हासिल की हुई है.

वर्तमान में पूरी दुनिया का लगभग हर देश खेती की समस्याओं से जूझ रहा है.
लेकिन युवा किसानों का देश कहे जाने वाले इजरायल ने खेती से जुड़ी कई समस्याओं पर न सिर्फ विजय पाई है बल्कि पूरे विश्व के सामने इसे फायदे का सौदा बनाने के कई उदाहरण भी रखे हैं.
1950 से शुरू हुई हरित क्रांति के बाद इस देश ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
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इजरायल ने ना केवल अपने मरुस्थलों को हराभरा किया, बल्कि अपनी खेती को बेहतर बनाने से जुड़ी खोजों को चैनलों और एमएएसएचएवी (MASHAV, विदेश मामलों का प्रसारण मंत्रालय) के माध्यमों से विदेशों में भी प्रसारित किया. ताकि अन्य देशों के लोग भी उसकी खेती संबंधी तकनीक का लाभ उठा पाएं.
इजरायल-21 सी न्यूज पोर्टल ने ऐसे कई प्रमुख मुद्दों को उठाया है जिससे अन्न उत्पादन और उसके रखरखाव के लिए पूरे विश्व में इजरायल की तूती बोल रही है.

 

ISRAEL AGRICULTUIRE TECHNOLOGY
गर्मी में पैदा कर रहे आलू
Israel Agriculture Technology : लगभग 30 साल के शोध के बाद हिब्रू विश्वविद्यालस के प्रोफेसर डेविड लेवी ने आलू की एक ऐसी प्रजाति इज़ाद की है जो भीषण गर्मी में भी पैदा होती है.
आपको बता दें कि आलू दुनिया में खाई जाने वाली प्रमुख खाद्य फसलों में से एक है लेकिन गर्मी में इसकी पैदावार काफी कठिन होती है, खासकर मिडिल ईस्ट में.
लेकिन अब ऐसी जगहों पर भी इजरायल की इस तकनीक से आलू की बढ़िया पैदावार हो रही है और किसान लाभ कमा रहे हैं.
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लेवी ने इजरायल-21सी को बताया कि हम नई तकनीक से अन्य देशों के बीच नए संबंध बनाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारी तकनीक से दुनिया के हर देश का किसान लाभान्वित हो.
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रेगिस्तान में भी चल रहा मत्स्य पालन
Israel Agriculture Technology : मछलियों की संख्या में कमी खाद्य सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन जाता है, वो भी तब जब मछली का सेवन करना हजारों लोगों के लिए प्रोटीन का मुख्य जरिया हो. इजरायल में भी ऐसी समस्या थी. लेकिन अब इजरायल में कहीं भी आसानी से आपको मछलियां मिल जाएंगी.
इसे संभव बनाया है जीएफए (ग्रो फिश एनव्हेयर) के एडवांस्ड तकनीक ने. इजरायल के जीरो डिस्चार्ज सिस्टम ने मछली पालन के लिए बिजली और मौसम की बाध्यता को अब पूरी तरह से खत्म कर दिया है.
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इस तकनीकी के माध्यम से एक ऐसा टैंकर बनाया जाता है जिनपर किसी भी मौसम से जुड़ी समस्याओं का कोई असर नहीं पड़ता है.अमेरिका में इस तकनीकी का प्रयोग बड़ी संख्या में किया जा रहा है.
शत्रु कीटों पर हमला, मित्र कीटों का संरक्षण
Israel Agriculture Technology : इजरायल की बायो-बी नामक कंपनी ने ऐसे कीट नियंत्रक दवा का निर्माण किया है जिसके छिड़काव से कीड़े तो दूर रहते हैं लेकिन इससे मक्खी और भौरों को कोई नुकसान नहीं होता.
कंपनी के मैनेजर डॉ शीमोन बताते हैं कि हमारी कंपनी कीटनाशक दवाओं की बिक्री के मामले में प्रमुख कंपनियों में से एक है.
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कैलिफोर्निया में पैदा होने वाले 60 फीसदी स्ट्राबेरी पर 1990 से इसी दवा का छिड़काव किया जा रहा है, और इसके प्रयोग के बाद से पैदावार में 75 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है.
बायो बी की दवा का प्रयोग इस समय 32 देशों में किया जा रहा है, जिसमें जापान और चिली भी शामिल हैं.
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ड्रिप इरिगेशन से पानी और पैसा दोनों बचाइए
Israel Agriculture Technology : ड्रिप इरगेशन के बारे में जब कोई जानता भी नहीं था उस समय इजरायल में ये प्रथा पहले से अस्तित्व में थी.
जब इजरायल की वाटर इंजीनियर सिम्चा ब्लास के इस पद्धति का पता पूरी दूनिया को चला तो उनकी इस तकनीक ने खेतों की सिंचाई में नई क्रांति ला दी.
सिम्चा ने अपनी खोज में पता लगाया कि अगर सिंचाई में इस्तेमाल होने वाले पानी की ड्रिप को धीमा और संतुलित कर दिया जाए तो फसल उत्पादन की क्षमता बढ़ सकती है.

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उन्होंने ऐसे ट्यूब का निर्माण किया, जिससे पानी की मात्रा कम होकर गिरने लगी, और ये खेतों की फसलों में ज्यादातर कारगर भी साबित हुआ. इस पद्धति पर उन्होंने काम शुरू किया इससे संबंधित फर्म भी बनाया.
इजरायल की इस तकनीक को टपका सिंचाई के नाम से भी जाना जाता है जिसकी विधि अब कई देशों में इस्तेमाल की जा रही है.
इस विधि से इजरायल से बाहर लगभग 700 ऐसे किसान परिवार हैं जो साल में अब तीन फसलें पैदा कर रहे हैं जो कि पहले एक बार ही होता था.

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