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Police Potato Farming : 11 हजार फीट पर आलू की खेती कर उत्तराखंड पुलिस ने रचा कीर्तिमान

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Police Potato Farming : डेढ़ क्विंटल आलू की फसल बोई

Police Potato Farming : वैसे तो हमारे पुलिस जवान दिन-रात जनता की सेवा में लगे रहते हैं, लेकिन जब इन्हीं जवानों को खाली समय में आराम करने के बजाय खेती करते देखा जाए तो अचरज होना लाजिमी है.

ऐसा ही नजारा उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जनपद के पर्वतीय क्षेत्र केदारघाटी में देखने को मिला है, जहां पुलिस के जवानों ने 11 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई में अपनी मेहनत के पसीने से आलू बोकर दिखाया है.
पहाड़ की इतनी उंचाई पर खेती करना कोई मामूली काम नहीं है. मगर उत्तराखंड पुलिस ने ऐसा करके एक नया कीर्तिमान जड़ दिया है.
एसआई विपिन चंद्र का था आइडिया
दरअसल, एसआई विपिन चंद्र पाठक के नेतृत्व में कई कांस्टेबलों की केदारनाथ धाम की  यात्रा में ड्यूटी लगाई गई थी.
जून माह में बाबा के कपाट भक्तों के लिए खुलने थे, लेकिन विपिन चंद्र पाठक अपने साथियों के साथ 3 मई को ही केदारघाटी पहुंच गए.
इसके बाद उन्होंने पहले खेती के लिए भूमि तैयार की और इसके बाद जून माह के पहले सप्ताह में डेढ़ कुंटल (150 किलो) आलू की फसल बोई.
आलू के बोने के बाद पुलिस के जवानों की केदारनाथ आपदा में ड्यूटी लग गई. जवानों को पता था कि ड्यूटी के दौरान उन्हें कतई समय नहीं मिलेगा, इसलिए उन्होंने पहले ही सभी काम पूरा कर लिया था.
इसके बाद जब सभी केदारनाथ यात्रा संपन्न होने के बाद फ्री हुए तो उन्होंने आलू की खुदाई का काम शुरू किया और खुदाई से बड़े-बड़े आलू निकाले गए.
यह देखकर जवानों के चेहरों पर खुशी देखते ही बन रही थी. जवानों का यह प्रयोग पूरी तरह से सफल साबित हुआ और आज हर जगह पुलिस के जवानों की इस आलू की खेती के तरीकों की सराहना हो रही है.
अधिकारियों को प्रसाद के रूप में बांटा आलू
केदारनाथ के समीप बसी केदारघाटी खुद में स्वर्ग से कम नहीं है. यहां की हर चीज को देवताओं का आशीर्वाद माना जाता है.
इसी सोच के साथ पुलिस के जवानों ने यह बोया हुआ आलू कट्टों में भरकर अपने पोस्टिंग क्षेत्र में साथ ले गए और वहां एक-एक किलो आलू अपने जनपद के अधिकारी और कर्मचारी को प्रसाद के रूप में दिया.
युवाओं को खेती के लिए प्रेरित करना मकसद
एसआई विपिन चंद्र पाठक ने कहा कि उनके इस प्रयोग के पीछे क्षेत्र के युवाओं को खेती के लिए प्रोत्साहित करना था. क्योंकि आज पर्वतीय क्षेत्रों से युवा तेजी से खेती से मुंह मोड़ रहे हैं.
लोग विषम परिस्थितियों का बहाना बनाकर अपना मूल घर छोड़कर मैदानी क्षेत्रों की ओर रूख कर रहे हैं.
एसआई विपिन का मानना है कि विषम परिस्थितयों का बहाना बनाकर पलायन करना अच्छी बात नहीं है.अगर लोग चाहें तो विकट परिस्थितियों को भी अपनी ताकत बना सकते हैं.
 इस प्रयोग का मुख्य मकसद यही था कि यहां के युवाओं को खेती के लिए प्रेरित किया जाए और उनसे अपने मूल स्थान को न छोड़ने की अपील भी की जाए.
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