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किसानों को मिला विज्ञान का वरदान, अब बिना बिजली और ईंधन खेतों तक पहुंचेगा पानी

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Barsha Pump
बर्षा पंप

Barsha Pump : इस पंप की मदद से किसानों के लिए फसलों की सिंचाई हुई आसान

Barsha Pump : भारत मे किसानों को खेती करने के दौरान तमाम तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, फसल की सिंचाई भी उसमें से एक है.

बड़े और मध्यम वर्गीय किसानों को अगर छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर छोटे किसानों के लिए खेतों में सिंचाई का प्रबंध करना बड़ा महंगा औऱ मुश्किल होता है.
एक तरफ जहां कुछ किसान आस-पास की नदियों, नालों या नहर में पाइप लगाकर डीजल या बिजली से चलने वाले पंप के जरिये अपने खेतों की सिंचाई करते देखे जा सकते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ किसान अन्य जटिल तरीकों से सही स्थिति और समय पर फसल की रोपाई करने की व्यवस्था करते हैं.
केआईसी एक यूरोपीय संघ है जो जलवायु परिवर्तन को लेकर अच्छा काम रही है. इसमें उद्यमियों, व्यापारिक फाइनेंसरों की एक जूरी होती है जो उन निर्माणों को फंड देकर मदद करने की कोशिश करते हैं जो हरित तरीके से बदलाव लाने की कोशिश कर रहे हैं.
इस संघ द्वारा 2014 के घोषित विजेता ने एक ऐसा पंप का बनाया है जो बिना किसी बिजली और पेट्रोल के खपत किए खेतों की सिंचाई करता है. यही नहीं यह पूरी तरह ईको फ्रेंडली भी है.
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बता दें कि इस पंप का निर्माण नीदरलैंड की एक कंपनी क्यूस्टा ने बनाया है. पहली बार इस पंप का इस्तेमाल नेपाल में किया गया और वहां बारिश को बर्षा कहा जाता है इसलिए इस पंप का नाम बर्षा पंप रखा गया है.
कैसे काम करता है पंप
यह पंप पानी की लहरों से चलता है इस पंप में एक बड़ा सा पहिया लगा है जो पानी की लहरें पड़ने पर घूमता है और हवा में प्रेशर बनाता है.
इस वायु के दबाव की वजह से ही पानी को एक नली के जरिये किसानों के खेतों तक पहुंचा देता है. जितनी तेज पानी की रफ्तार होगी, उतनी दूर तक किसानों के खेत तक पानी पहुंच सकेगा.अब एशिया में ही नहीं, बल्कि लैटिन अमेरिका और अफ्रीका में भी इस बर्षा पंप के निर्माण की तैयारी शुरू की जा रही है.
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किसानों को मिलेगा मुनाफा
शोधकर्ताओं के मुताबिक इस बर्षा पंप की मदद से फसल का उत्पादन 5 गुना तक बढ़ाया जा सकता है. इस पंप से एक लीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से पानी छोड़ा जाता है.
पानी की रफ्तार अच्छी होने पर इस पंप के जरिये 82 फीट की ऊंचाई तक भी पानी को पहुंचाया जा सकेगा. किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि एक साल में ही इस पंप की पूरी लागत वसूल हो जाएगी.

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