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Bjp Cm Farmer Joke: मोदी जी !आपके मुख्यमंत्री हम किसानों का मजाक उड़ा रहे, और आप कुछ बोलते भी नहींं

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MINISTER DESTROY CROP
भारतीय किसान

Bjp Cm Farmer Joke: किसानों का उड़ता मजाक मोदी सरकार में

 Bjp Cm Farmer Joke:किसान वो बदनसीब इंसान होता है, जो दूसरों के पेट भरने के चक्कर में दो दाना खुद के शरीर में ही नहीं डाल पाता . हमारे देश में सरकार किसी की भी हो, लेकिन किसान भाईयों केसाथ सभी ने एक सा ही बर्ताव किया है.
हालांकि उम्मीद थी कि मोदी सरकार में हालात कुछ बदले दिखेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. आज भी किसानों के हाल में कोई विशेष सुधार देखने को नहीं मिल रहा है.
हद तो तब हो जाती है, जब सरकार उनके दर्द पर मरहम लगाने की बजाए उन पर और नमक छिड़कने का काम करती हैं. मध्य प्रदेश में एक ऐसा ही मामला सामने आया है.
दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार की ओर से किसान भाईयों को फसल बर्बाद होने पर नुकसान का मुआवजा देने के लिए बीमा योजना चलाई गई है.
इस योजना के तहत सरकार की तरफ से तिलाड़िया गांव के 52 किसानों को उनके सैकड़ों हैक्टेयर की फसल बर्बाद होने पर सिर्फ 3,062 रूपये ही दिए गए.
जबकि उनसे प्रीमियम के तौर पर इसकी 80 गुना राशि वसूली गई थी.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, लीना देवी ने बताया कि उन्होंने 22 हैक्टेयर भूमि में सोयाबीन की फसल उगाई थी, जो अब खराब हो चुकी है. उन्होंने बताया कि मैंने फसल का 5220 रूपये का प्रीमियम भरा था, लेकिन सरकार से मुझे सिर्फ 194 रूपये ही मुआवजे के तौर पर मिले हैं.
वहीं, उत्तम सिंह बताते हैं कि उनकी दो एकड़ भूमि की फसल बर्बाद हुई थी, जिसका उन्होंने 1342 रूपये का प्रीमियम भरा था. लेकिन उन्हें मात्र 17 रूपये का मुआवजा दिया गया.
हद तो तब हुई जब रेहाती तहसील की बादामी देवी ने बताया कि उसे उसकी कई हैक्टेयर भूमि का मात्र 4.70 रूपये का ही मुआवजा मिला है.
यह सब उस राज्य के हालात हैं, जहां भाजपा शासित सरकार है. गौर करने वाली बात यह भी है कि इस सिहोर जिले की ही एक विधानसभा से सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चुनकर आए हैं.

 

किसानों
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ऐसा मजाक किसानों के साथ क्यों ?
Bjp Cm Farmer Joke: प्रधानमंत्री ने 2014 के लोकसभा चुनाव में जिस तरीके से किसानों के ज्वलंत मुद्दे उठाए थे. और किसानों की दुर्दशा के लिए कांग्रेस के 65 सालों को दोषी ठहराया था. और वायदा किया था कि उनकी पार्टी सत्ता में आने के बाद सबसे पहला सुधार किसानों की स्थिति में लाएगी.
नतीजा, भाजपा लोकसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आई. सरकार ने 3 साल का कार्यकाल भी पूरा कर लिया, लेकिन किसान के चेहरे में वही मायूसी है, जो पिछले 65 सालों से थी.

अन्य भाजपा शासित राज्यों में भी कुछ खास नहीं

Bjp Cm Farmer Joke: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 2 करोड़ 15 लाख किसानों का 1 लाख तक का ऋण माफ करने की घोषणा तो कर दी. मगर उनकी सरकार के द्वारा कर्ज माफी का जो चेक किसानों को दिए जा रहे उसमें अंकित राशि किसानों के लिए मजाक बन कर रह गई है.
यूपी के किसानों ने बताया कि उनपर कर्ज तो काफी ज्यादा था. लेकिन सरकार ने किसी के एक रुपये, किसी के 1 रुपये 80 पैसे, किसी के 1 रुपये 50 पैसे और किसी के 18 रुपये माफ किए गए हैं.
ऐसे में कर्ज के बोझ तले किसान के लिए एक-एक रात काटना मुश्किल हो रहा है.
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भी किसान को फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा. और साथ ही जंगली जानवरों का खतरा अलग बना रहता है. जिसके कारण कुछ माह पूर्व रानीखेत और अल्मोडा में कर्ज की मार झेल रहे तीन किसानों ने खुदकुशी कर ली.
महाराष्ट्र में भी हमने यही देखा, कि किस तरह 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस वाले दिन सड़कों पर आंदोलन कर रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीजार्ज किया था. जबकि किसानों की मांग इतनी थी कि सरकार ने जो जून माह तक कर्ज माफी की घोषणा की थी, उसे पूरा क्यों नहीं किया गया.
गौरतलब है कि दुख इस बात का है कि क्या हमेशा किसान की समस्याओं का हल लुभावने भाषण और हवाई घोषणाओं से होता रहेगा ?
आखिर कब सरकारें हमारे किसान भाईयों की समस्या को गहराई से समझेंगी ?
याद रहे किसान भाईयों के साथ न्याय करने में जितनी देरी होगी, किसान भाईयों की शहादत से हमारा सामना होता रहेगा.
जो हमारे देश,समाज और आने वाली पीढ़ी के लिए काफी दर्दनाक साबित होगा.