Woman Mushroom Farming : कंपनी की नौकरी छोड़ मशरूम की खेती में बैंगलुरू की महिला ने संवारा भविष्य

Woman Mushroom Farming

Woman Mushroom Farming : कपड़ा कंपनी की नौकरी छोड़ने के बाद लिया फैसला

Woman Mushroom Farming : जिंदगी में एक छोटा सा फैसला आपका पूरा जीवन बदल सकता है बस जरूरत होती है थोड़ी हिम्मत और कुछ बदलावों को अपनाने की.

ऐसी ही हिम्मत के साथ बैंगलोर की एक कपड़ा श्रामिक ने अपने हालातों में बदलाव किया है.
जी हां 40 साल की कमला बैंगलुरू के एक कपड़ा बनाने वाली फैक्टरी में काम करती थी जिसे छोड़कर उन्होंने कृषि को चुना और इसके बाद उनकी जिंदगी में सबकुछ बदल गया.
बता दें कि कमला नौकरी छोड़ने के बाद अब अपने 1,200 वर्ग फुट के घर को एक मशरूम फार्म में बदल चुकी हैं.
शहर के विभिन्न कपड़ा फैक्ट्रियों में पिछले दो दशकों से काम करने वाली कमला बताती हैं कि कपड़ा कंपनी में इतनी कड़ी मेहनत होती थी कि आपको शौचालय जाने के लिए पर्याप्त समय भी नहीं मिलता है. उन्होंने बताया कि कई बार उन्हें ऐसा एहसास होता था कि वो एक जेल में कैद हैं.
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कमला
पत्रिका में लेख पढ़ने पर लिया फैसला
कमला ने बताया कि वो अपनी 8000 रुपए महीने के नौकरी छोड़ने के बाद एक दिन घर में पत्रिका में छपे मशरूम के लेख के बारे में पढ़ा.
जिससे प्रेरित होकर वह भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (आईआईएचआर) के पास गईं जो उनके घर से 4 किमी दूर शहर के बाहरी इलाके में तुमकूरु रोड पर स्थित था उसमें उन्होंने मशरूम की खेती के पाठ्यक्रम में दाखिला ले लिया.
वहां विशेषज्ञों द्वारा एक छोटा सा प्रशिक्षण सत्र कराया गया जिसके दो साल बाद उन्होंने अपने घर में मशरूम की खेती करनी शुरू कर दी.
खेती के शुरूआती दिनों में वो 3 किलोग्राम प्रति माह मशरूम उगाती थी मगर अब वो एक महीने में 50 से 60 किलोग्राम कस्तूरी मशरूम की फसल करती हैं. वह भी बीना किसी कठोर श्रमिक की मदद के, यही नहीं अब उनकी कमाई भी 8000 से बढ़कर 30000 रुपए हो गई है.
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मशरूम के व्यंजनों का होटल खोलना है लक्ष्य
गौरतलब है कि कमला जो खेती करती है वो होटल और सब्जी की दुकानों को नियमित रूप से बेची जाती है. इसके अलावा अब जब सुश्री कमला ने मशरूम की फसल की बुनियादी बातों में महारत हासिल कर ली है तो वह आईआईएचआर में वैल्यू एडिशन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी शामिल हो गई हैं.
यही नहीं अब उनकी इच्छा है कि वह अपने पति के गृह नगर कुदालनगर जिले के कुशलानगर में एक अनूठा होटल स्थापित करें जो मशरूम के व्यंजनों के लिए समर्पित हो.
आज कमला अपने पुराने उद्योग में पूर्व सहयोगियों के लिए एक उदाहरण बन गई है जिसमें से कई लोग अब उनके व्यवसाय मॉडल को अपना भी चुके हैं.

साभार – द हिंदू