प्रेस कॉन्फ्रेंस कर CJI पर सवाल उठाने वाले जस्टिस चेलमेश्वर रिटायरमेंट के बाद कर रहे गांव में खेती

Former Supreme Court Judge Chelameswar
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Former Supreme Court Judge Chelameswar : पेंशन ना भी दे तो भी अच्छे से खा पी सकता हूं

Former Supreme Court Judge Chelameswar : अभी कुछ महीनों पहले मशहूर टीवी सीरियल ‘साराभाई Vs साराभाई’ में रोशेश साराभाई का किरदार निभाने वाले अभिनेता राजेश कुमार की गांव में खेती करने वाली खबर खूब वायरल हुई थी.

देश भर के सभी कलाकारों समेत आम लोगों ने भी उनके इस काम को खूब सराहा और उन्हें कई प्रोत्साहित कमेंट भी दिए.
इसी तरह हाल ही में रिटायर हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस चेलमेश्वर ने भी शहरों के सुख को छोड़ते हुए गांव में खेती करना का निर्णय लिया.
बीबीसी को दिए इंटरव्यूह में चेलमेश्वर कहते हैं की वो इस समय अपनी पैतृक जमीन जो की
आंध प्रदेश के कृष्णा जिले में है वहां खेती- किसानी कर रहे हैं.
उन्होंने कहा की वो अपने गांव में सुकून की ज़िन्दगी जी रहे हैं ‘जहां ना संसद है और ना सुप्रीम कोर्ट’
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उन्होंने बातचीत में कहा कि मेरे लिए अब भोजन की कोई समस्या नहीं है, मैं खेती कर उतना उगा लेता हूं.अगर सरकार मेरी पेंशन रोक भी दे तो भी मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता.
बता दें की न्यामूर्ति चेलमेश्वर अपनी रिटायरमेंट के बाद सुप्रीम कोर्ट बार काउंसिल के परंपरागत विदाई समारोह में शिरकत ना करते हुए सीधे अपने गांव में चले गए थे.
कौन है जस्टिस चेलमेश्वर
बता दें की चेलमेश्वर उन जजों की टीम का हिस्सा था जिन्होंने देश के इतिहास में पहली बार प्रेस कांफ्रेस कर भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे.
23 जून 1953 में आंध्र प्रदेश में जन्मे चेलमेश्वर सुप्रीम कोर्ट के नं.2 सीनियर मोस्ट जज थे,उन्होंने 2011 में पहली बार सुप्रीम कोर्ट में जज के पद पर कार्यभार संभाला था और 22 जून 2018 को रिटायर हो गए.
गौरतलब है की चेलमेश्वर गुवाहटी और केरल में हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस भी रह चुके थे.
इस बात का है अफसोस
इंटरव्यूह में पूर्व जज ने बताया की उस प्रेस कान्फ्रेंस में उनके और बाकी जजों द्वारा उठाए गए सवाल आज भी जज के तस ही हैं.
उदाहरण के तौर पर उन्होंने कहा की जैस “हम लोगों ने सवाल किया था की एक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद पर रह चुका इंसान खुलेआम कहता फिरता है कि वो सुप्रीम कोर्ट से मनचाहा फ़ैसला ला सकता है”.
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कॉलेजियम’ व्यवस्था पर भी किया था सवाल
जस्टिस चेलमेश्वर ने अपने पद पर रहते हुए केंद्र सरकार द्वारा न्यायधीशों के चयन के लिए बनाए गए कॉलेजियम’ व्यवस्था पर सख्ती से सवाल खड़े किए थे.
दरअसल उनकी राय थी की सुप्रीम कोर्ट जैसे देश के सबसे बड़े न्यायकिक व्यवस्था में जजों के चयन की प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता रहनी थी.
अब खामोश बैठ जाने को लेकर किए गए सवाल के जवाब में चेलमेश्वर ने कहा की अब उन्हें छात्रों से संवाद करने के मौके मिलते हैं.
फिलहाल विधि विश्वविद्यालयों के अलावा अन्य विश्वविद्यालयों से उन्हें न्योते आते रहते हैं और वो छात्रों से अपने दिल की बात करते हैं.