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Home For Poor : गांव वालों ने पेश की इंसानियत की मिसाल, भिखारी के लिए बनाया पक्का घर

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Home For Poor : भिखारी के परिवार में कोई नहीं

Home For Poor : क्या कभी आपने किसी भिखारी को पक्के मकान में रहता देखा है, मगर छत्तीसगढ़ का एक भिखारी है जो पक्के मकान में रहता है.

आखिर रहे भी क्यों न, उसे इंसानियत से भरे लोगों का साथ जो मिल रखा है.
दरअसल, छत्तीसगढ़ के कोंडागांव से 17 किलोमीटर दूर स्थित बड़ेकनेरा ग्राम पंचायत में हीरानाथ नाम का एक बुजुर्ग भिखारी भीख मांगकर अपना गुजर-बसर करता था.
हीरानाथ के पास न पहनने को कपड़े होते थे, और न खाने को दाना. अगर किसी से खाने को मिल गया तो ठीक, वरना भगवान भरोसे. फिर एक दिन गरीब हीरानाथ की दिनचर्या देखकर गांव के लोगों से रहा नहीं गया और उन्होंने उसकी देखरेख का बीड़ा उठा लिया.
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भिखारी के लिए बनाया घर
भिखारी की स्थिति सुधारने के लिए बड़ेकनेरा ग्राम पंचायत के निर्माण संबंधी कार्यों के तकनीकी सहायक वीरेंद्र साहू ने उसके रहने के लिए मकान का ले-आउट तैयार किया और मकान का निर्माण शुरू कर दिया.
इस कार्य में युवा पंच प्रकाश चुरगिया ने खुद के चार पहिया वाहन से मकान निर्माण सामग्री लाने ले जाने का खर्चा वहन किया और सबके सहयोग से हीरानाथ के रहने लायक एक घर तैयार कर दिया गया.
महिलाओं ने मकान में की पुताई
दिलचस्प बात ये भी है कि घर बनाने में हर किसी ने अपने-अपने तरीके से सहयोग किया है. किसी ने नक्शा बनाया है तो किसी ने माल ढुलाई के लिए वाहन का खर्च उठाया.
मगर क्षेत्र की महिलाएं आर्थिक रूप में इतनी सक्षम नहीं थी कि वह कुछ मदद कर सकती. लेकिन इस नेक काम में उन्होंने भी मदद करने की ठान रखी थी.
और अपना सहयोग दर्ज करने के लिए उनके समूह ने हाथ में पुताई का रंग थामकर हीरानाथ के पूरे मकान में पुताई कर डाली.
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समय पर खाना भी देते हैं
स्थानीय लोग गरीब हीरानाथ को अब दो वक्त का खाना भी देने लगे हैं. गौरतलब है कि हीरानाथ अकेला रहता है और उम्र अधिक होने के कारण अब वो बाहर भीख मांगने भी नहीं जा सकता है.
इसलिए अब गांव वाले उसे खाना भी बनाने नहीं देते. और रोज शिफ्ट वाइज हीरानंद को खाना पहुंचाते हैं.
शासन ने स्थानीय लोगों की सोच को सराहा
छत्तीसगढ़ के सचिव महेश्वर कोराम ने गांव के लोगों की जमकर सराहना की है. उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल काबिले तारिफ है. क्योंकि लोग अक्सर अपनी जरूरतों तक ही सिमटकर रह जाते हैं, जिस वजह से कोई दूसरे के बारे में सोचता ही नहीं है.

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