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हैदराबाद का ये 9th पास वैज्ञानिक अपने उपकरणों से बदल रहा किसानों का जीवन

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Indian Village Scientist
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Indian Village Scientist : विज्ञान में पीएचडी की मानध उपाधि से हो चुके हैं सम्मानित

Indian Village Scientist : हैदराबाद के उप्पल में रहने वाले बोममाणी मल्लेश अपने दो कमरे वाले घर में किसानों के इस्तेमाल में आने वाले उपकरण की कार्यशाला का संचालन करते हैं.

खास बात यह कि मल्लेश सिर्फ 9 वीं पास है लेकिन फिर भी उनके पास विज्ञान में पीएचडी डिग्री की मानध उपाधि मौजूद है जो उनके नए इनोवेशन के लिए यूनाइटेड थियोलॉजिकल रिसर्च यूनिवर्सिटी, सिकंदराबाद से मिली है.
बता दें कि इस 33 वर्षीय ग्रामीण युवक ने किसानी के क्षेत्र में एक स्व-संचालित कीटनाशक स्प्रेयर, खरपतवार हटानेवाली मशीन, खेतों की सिंचाई के लिए पानी के पंपों को अपने मोबाइल के साथ बंद और चालू करने के उपकरण की खोज की है.
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मां की मदद के लिए बना वैज्ञानिक
मल्लेश,को यूं तो पहले से ही तकनीकी काम करने में मजा आता था लेकिन उन्होंने अपना पहला इनोवेशन कोई शौक के लिए नहीं बल्कि जरूरत की वजह से किया.
दरअसल उस समय हुआ यूं कि मल्लेश की मां बुढ़ापे की वजह से चल फिर नहीं सकती थी इस वजह से उन्होंने ऐसा रिमोट बनाया जिससे वह बिना किसी की मदद के लाइट और फैन एक जगह बैठकर चला सकें. इसके बाद यहीं से उन्हें प्रेरणा मिली कि उन्हें बाकियों के लिए भी ऐसा ही करना चाहिए .
मल्लेश अपनी सभी सफलताएं का श्रेय अपनी मां बोम्माग्नी लक्ष्मी को देते हैं, जिनका 2013 में निधन हो चुका है.
किसानों के लिए करना चाहते हैं मदद
मल्लेश ने मीडिया को बताया कि वो अपने व्यवसाय का विस्तार करने के लिए अधिक उपकरण और उत्पादों को डिज़ाइन करना चाहते हैं जिससे किसानों की मदद हो सके,
उन्होंने बताया कि वो खुद भी एक किसान है इस वजह से उन्हें किसानों की दयनीय हालत देखकर दुख होता है. उन्होंने कहा कि हर नए उपकरण बनाने के पीछे उनका लक्ष्य रहता है कि वो ऐसी चीज बनाएं जो ज्यादा से ज्यादा किसानों को लाभ पहुंचाए.
मल्लेश ने एक घास हटानेवाली मशीन भी तैयार की है जो किसानों की मदद करते है. इसके अलावा उनके अन्य नवाचारों में मोबाइल फोन से नियंत्रित पानी के पंप को विकसित करना शामिल है.
 इस तकनीक के बाद किसानों को खेतों में जहां मोटर स्थित है, वहां चलाने के लिए नहीं जाना पड़ेगा. इसके लिए किसान को डिवाइस से कनेक्ट मोबाइल पर कॉल करने के बाद पंप चलाने के लिए 1 दबाना होगा जबकि शून्य दबाते ही, यह पंप हो जाएगा.
मल्लेश की कोशिश है कि वह किसानों की मुश्किलें आसान करने के लिए इनोवेशन ऐसे ही कई तरह के इनोवेशन करते रहें . आज भारत में किसानों के जैसे हालात हैं उसमें मल्लेश की यह कोशिश बेहतर सुधार कर सकती है.
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अन्य क्षेत्रों में भी कर रहें काम
सिर्फ किसानी ही नहीं मल्लेश ने कई अलग अलग क्षेत्रों में भी अपने तकनीक से भरे दिमाग का उपयोग करते हुए कई उपकरण तैयार किए हैं.
फिलहाल वह अपने नए इनोवेशन के पेटेंट का इंतजार कर रहे हैं जो यह पता लगाता है कि ड्राइवर नशे में है या नहीं और अगर वह नशे में है तो गाड़ी ऑटोमेटिक स्टार्ट ही नहीं होगी.
उन्होंने बताया कि वो 2012 से ही इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. और अभी एमएसएमई (माइक्रो, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय) से इस प्रोजेक्ट को पेटेंट कराने की प्रतीक्षा कर रहे हैं.
इस डिवाइस को दोपहिया और चार पहिया वाहनों में लगाया जा सकता है, कई तरह के सेंसर से लैस यह डिवाइस यह पता लगाता है कि चालक नशे में है या नहीं और यदि वह नशे में है तो इसकी मदद से इंजन शुरू नहीं होगा.

साभार – द न्यूज मिन्ट्स 
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