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Pakistan Continue Child Marriage: पाकिस्तान की नजर में बाल विवाह को रोकना ‘गैर-इस्लामिक’

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UNICEF Child Marriage Data
फोटो साभार- द डॉन

Pakistan Continue Child Marriage: सीनेट ने बाल विवाह विधेयक किया खारिज

Pakistan Continue Child Marriage: सामाजिक स्तर पर पूरी दुनिया में अपनी गिरती हुई छवि का जिम्मेदार खुद पाकिस्तान की अंदरूनी व्यवस्था है, इस बात को आज उसने साबित भी कर दिया.

दरअसल एक तरफ जहां भारत अपने यहां होने वाले बाल विवाह को पूरी तरह प्रतिबंधित करने के लिए नए नए कानून बना रहा है. वहीं पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान इसे बढ़ावा देने के लिए अपने धर्म इस्लाम का सहारा ले रहा है.
बुधवार को पाकिस्तान की सीनेट ने बाल विवाह संसोधन विधेयक 2017 को इसलिए खारिज कर दिया क्योंकि उसकी नजर में बाल विवाह को रोकना गैर इस्लामिक है.
आपको बता दें कि इस बिल का उद्देश्य पाकिस्तान में लड़कियों की विवाह की उम्र को 16 से बढ़ाकर 18 करना था, जिसे सीनेट ने यह कहकर खारिज कर दिया कि ये इस्लाम विरोधी है.
Pakistan Continue Child Marriage: संसदीय समिति के अध्यक्ष रहमान मलिक ने कहा कि यह प्रस्ताव इस्लामिक मान्यताओं के खिलाफ है इसलिए हम इसे मंजूरी नहीं दे सकते.
उन्होंने बताया कि हमारी समिति ने कई धार्मिक विद्वानों से इस बारे में चर्चा कि है लेकिन सभी का यही कहना है कि 18 साल से पहले लड़कियों की शादी करना कोई गलत काम नहीं है.
वहीं दूसरी तरफ इस बिल को प्रस्तुत करने वाले सीनेटर सेहर कामरान ने समिति पर यह आरोप लगाया कि यह सब जानबूझकर किया जा रहा है.
कामरान ने कहा कि उन्होंने एक जायज प्रस्ताव पेश किया था जिसमें ये बताया गया था कि पाकिस्तान में किस तरह बड़ी तादाद में 10 साल से कम उम्र में ही लड़कियों का विवाह किया जा रहा है. जिसका दुष्प्रभाव उस लड़की के साथ-साथ पूरे समाज पर भी पड़ रहा है.
Pakistan Continue Child Marriage: उन्होंने समिति के सामने यह सवाल उठाया कि अगर वो 16 साल की लड़की को बालिग मान रहें है तो उन्हें लड़कियों के ड्राइविंग लाइसेंस,वोटर कार्ड समेत अन्य प्रमाण पत्र लेने के लिए भी योग्य माना जाना चाहिए.
कामारान ने कहा कि 14 से 16 साल के बीच वहां कि लड़कियों की होने वाली शादियों में उनकी प्रेगनेंन्सी के दौरान मौत की खबरें कई बार आती हैं. और यह आकड़े तेजी से पाकिस्तान में बढ़ रहे हैं.
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इसके बाद इस बिल का इस तरह धर्म के नाम पर खारिज हो जाना इस मृत्यु दर को और बढ़ाने का काम करेगा.
गौरतलब है कि पाकिस्तान में विवाह के ऐसे कई मामले देखने को मिले हैं जिसमें नाबालिग लड़के और लड़कियों का विवाह किया गया है.
हाल ही में वहां अभी 7 वर्षीय लड़के तथा 4 वर्षीय लड़की के विवाह का मामला सुर्खियों में था.
जहां स्थानीय समाजिक संगठनों के शिकायत पर पुलिस ने छापा मारकर मौलवी सहित लड़के तथा लड़की के माता-पिता को हिरासत में लिया था.
वहीं वर्तमान आकड़ों की बात करें तो पाकिस्तान में 21 प्रतिशत लड़कियों की शादी 18 साल से पहले ही कर दी जाती है.

साभार- द डॉन

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