Super 30 Coaching : आनंद सर में कुछ तो बात है, इस साल भी 30 में 26 स्टूडेंट्स क्वालीफाई

Super 30 Coaching
साभार - फेसबुक

Super 30 Coaching :इंस्टीट्यूट नहीं, बल्कि एक मुहिम है सुपर 30

Super 30 Coaching : रविवार को जारी हुए IIT एडवांस्ड के रिजल्ट में सुपर 30 के स्टूडेंट्स ने हर साल की तरह इस भी अपना परचम लहरा दिया है.

इस साल कोचिंग इंस्टिट्यूट्स के 30 स्टूडेंट्स में से 26 छात्रों ने आईआईटी की परीक्षा पास कर ली है,अब इन सभी छात्रों को देश के विभिन्न IIT कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा.
चलिए हम आपको बताते हैं सुपर 30 की  शुरूआत जो आज न जाने कितने घरों के लिए वरदान साबित हुआ है.
इंस्टीच्यूट नहीं, बल्कि एक मुहिम है सुपर 30
‘सुपर 30’ नामक संस्था की शुरुआत पटना के गणितज्ञ आनंद कुमार ने 2002 में की थी. ‘सुपर 30’ के माध्यम से आनंद कुमार समाज के कमजोर तबके के छात्रों को मुफ्त में IIT-JEE की कोचिंग देते हैं.
सबसे खास बात यह है कि हर साल सुपर 30 से 25 से ज्यादा छात्र आईआईटी की प्रवेश परीक्षा निकलते हैं.
पढ़ें – मुस्लिम क्लर्क की पहल से 137 जरूरतमंदो ने जेईई एडवांस्ड परीक्षा में किया क्वालीफाई
गरीब परिवार से आने के बाद भी आनंद कुमार हर साल 30 छात्रों को आईआईटी की ट्रेनिंग देते हैं और ये छात्र अपने मेहनत और सही गाईलाइन की मदद से आईआईटी में प्रवेश पाने में सफल होते हैं.
इस बार ‘सुपर 30’ से आईआईटी में प्रवेश पाने वाले छात्रों में ओनरजीत गोस्वामी, सूरज कुमार, यश कुमार और सूर्यकांत दास आदि हैं. ये सभी बहुत ही साधारण परिवार से आते हैं और इन्होंने IIT-JEE (Advanced) की परीक्षा पास की है.
आखिर कौन हैं आनंद कुमार
आनंद कुमार बिहार के बहुत ही साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं इनके पिता बिहार सरकारी विभाग में मामुली से क्लर्क के पद पर तैनात थे. आनंद कुमार ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई हिन्दी मीडियम से करी और उनका गणित में बचपन से ही खासा दिलचस्पी थी.
पटना विश्वविधायलय से गणित में ही ग्रेजुएशन करने के बाद आनंद की प्रतिभा देखते हुए एक शिक्षक ने उनके कैंम्ब्रिज विश्वविद्यालय में आगे कि पढाई के लिए छात्रवृति की बात बताई.
लेकिन वहां रहने खाने के खर्च को संभालना भी आनंद के परिवार के बस में नहीं था और फिर उसी समय पिता के देहांत ने भी उन्हें तोड़कर रख दिया.
इसके बाद अनुकंपा से उन्हें अपने पिता की जगह पर नौकरी मिल गई मगर वो इससे खुश नहीं थे और कुछ साल बाद वो उसे छोड़कर गरीब बच्चों को फ्री में आईआईटी की ट्यूशन देने लगे. उनके दिए ज्ञान और अपनी लगन से उनके पढ़ाए बच्चे आईआईटी परीक्षा पास करने लगे.
इस सफलता को देखते हुए वो अपना पूरा समय गरीब और पीछडे वर्ग के छात्रों को निशुल्क आईआईटी के ट्रेनिंग देने में बिताने लगे.
पढ़ें – जम्मू के ये IPS ऑफिसर युवाओं को नौकरी दिलाने के लिए चला रहे मुफ्त कोचिंग क्लास
आनंद कुमार पर बन रही फिल्म
आनंद कुमार की लाइफ स्टोरी पर अब बॉलीवुड में फिल्म बनने वाली है। जिसकी शुटिंग भी शुरू हो गई है. इस फिल्म में रितीक रौशन आनंद कुमार का रोल निभाने वाले हैं.
गौरतलब है कि सन् 2002 में आनंद ने सुपर 30 की शुरुआत की थी. पहले ही साल यानी कि 2003 की आईआईटी प्रवेश परीक्षाओं में सुपर 30 के 30 में से 18 बच्चों को सफलता हासिल हुई थी.
इसके बाद 2004 में 30 में से 22 बच्चे और 2005 में 26 बच्चों को सफलता मिली और इस प्रकार सफलता का ग्राफ लगातार बढ़ता गया. सन 2008 से 2010 तक सुपर 30 का रिजल्ट सौ प्रतिशत रहा.
आनंद कुमार का पूरा जीवन एक प्रेरणा हैं उन्होंने ये साबित कर दिखाया है कि दूसरे की मदद के लिए सिर्फ इच्छा शक्ति चाहिए ना कि किसी तरह का धन और बल.