इस्टर्न पेरेफरल एक्प्रेसवे और मजेंटा लाइन मेट्रो इस वजह से दिल्ली के लिए है खास

Eastern Peripheral Expressway Magenta Line Metro
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Eastern Peripheral Expressway Magenta Line Metro : इस नई दोनों ही सेवा से दिल्त्ली वासियों को मिलेगी बढ़ी राहत

 Eastern Peripheral Expressway Magenta Line Metro :  आखिरकार रविवार को देश को अपना पहला स्मार्ट हाईवे इस्टर्न पेरेफरल एक्प्रेसवे यानि की EPE की सौगात मिल ही गई.
प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी द्वारा उद्घाटन किया गया ये एक्सप्रेस वे अपने आप में कई चीजों के लिए बेहद खास है
बता दें कि इस एक्सप्रेस-वे पर काम की शुरूआत फरवरी 2016 में हुई थी जिसकी आधारशीला 2015 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ही रखी गई थी.
सिर्फ 18 महीनों में पूरा हुआ ये EPE देश का पहला स्मार्ट और 100% सोलर एनर्जी से बना एक्सप्रेसवे है.
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क्यों खास है इस्टर्न पेरेफरल एक्प्रेसवे
 इस एक्सप्रेसवे को देश का पहला स्मार्ट एक्सप्रेसवे कहा जाए तो आश्चर्य नहीं होगा. 135 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे की सबसे खास बात यह है कि इसका काम 500 रिकॉर्ड दिनों में पूरा किया गया है.
6 लेन वाला यह एक्सप्रेसवे गाजियाबाद, फरीदाबाद, पलवल और ग्रेटर नोएडा के बीच सिग्नल फ्री कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा.
इस पर सफर का समय काफी कम हो जाएगा,एक अनुमान के मुताबिक इसका प्रयोग करने वाले लोग अब दो घंटे की अपनी यात्रा को महज आधा घंटे में ही पूरा कर सकेंगे.
 यही नहीं यह एक्सप्रेसवे इंटेलिजेंट हाइवे ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और विडियो इन्सिडेंट डिटेक्शन सिस्टम से लैस होगा.
गौरतलब है कि इसे सबसे तेज एक्सप्रेसवे इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इस पर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी चलाने की अनुमति होगी. इसकी अलावा दिल्ली को जाम से मुक्ति दिलाने की योजना के तहत यह बेहद अहम प्रॉजेक्ट माना जा रहा है.
वहीं लागत की बात करें तो इसे बनाने में भारत सरकार को कुल 11,000 करोड़ खर्ज करना पड़ा.
दिल्ली को भी मिली सौगात 
एक तरफ देश के प्रधानमंत्री ने लोगों को एकस्प्रेस वे का तोहफा दिया वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री ने भी मेजेंटा लाइन मेट्रो के रूप में दिल्ली वालों को सुकून और खुशी दी.
बता दें कि जनकपुरी पश्चिम और कालकाजी मंदिर के बीच की 24.82 किलोमीटर लंबी दूरी के बीच सोमवर को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी)  ने अपनी मजेंटा लाइन मेट्रो का उद्घाटन कर दिया.
ऐसा माना जा रहा है कि डीएमआरसी के तीसरे चरण के प्रॉजेक्ट में यह अब तक का सबसे लंबा स्ट्रेच है. इसका सबसे बड़ा फायेदा यह है कि इस नए रूट से इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एयपपोर्ट का टर्मिनल-1 भी मेट्रो से जुड़ गया है.
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अब 40 मिनट में गुरुग्राम से नोएडा 
डीएमआरसी अधिकारियों के मुताबिक मजेंटा लाइन शुरू होने से हुडा सिटी सेंटर (यलो लाइन गुड़गांव की तरफ) से बॉटनिकल गार्डन (नोएडा में ब्लू लाइन पर) पहुंचने में तकरीबन 40 मिनट का वक्त लगेगा.
वहीं अभी तक राजीव चौक से इंटरचेंज करने के बाद गुड़गांव से नोएडा पहुंचने में करीब डेढ़ घंटे लगते हैं.
एयपोर्ट का सफर होगा आसान
मजेंटा लाइन पर मेट्रो शुरू होने से नोएडा से सीधे एयरपोर्ट तक का सफर तय करना अब और आसान हो जाएगा.
जिन यात्रियों को पहले वहां तक पहुंचने के लिए अब 2 घंटे की बजाय एयरपोर्ट पहुंचने में केवल 40 मिनट लगेंगे. इसके साथ ही पश्चिम दिल्ली की सीधी कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी
सबसे खास बात ये है कि दिल्ली-नोएडा के यात्रियों की बढ़ती संख्या देखते हुए मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने मेट्रो का परिचालन हर 5 मिनट मे किया है.
मजेंटा लाइन का यह नया रूट मेट्रो की 3 अलग-अलग लाइनों ब्लू लाइन, येलो लाइन और वॉयलट लाइन को क्रॉस करेगा.
यानी मजेंटा लाइन से यात्री इन तीनों लाइनों पर या इन तीनों लाइनों से मजेंटा लाइन पर इंटरचेंज कर सकेंगे. इससे ट्रैवल टाइम में भी कमी आएगी और किराया भी बचेगा.