जानिए, किन 40 वस्तुओं पर हुआ जीएसटी की टैक्स दरों में बदलाव

टैक्स
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हैदराबाद में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (एचआईसीसी) में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के मुद्दों पर चर्चा के लिए जीएसटी परिषद की 21वीं बैठक संपन्न हुई.
भारत सरकार में वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 150 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल रहे.
बैठक में लक्जरी व मध्यम आकार की कारों पर जीएसटी उपकर की दर समेत कई अन्य वस्तुओं पर कर विसंगति को दूर करने के विषय पर गंभीरता से चर्चा की गई.
बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने घोषणा करते हुए कहा कि बड़े विकास के लक्ष्य को पूरा करने के लिए लगभग 40 वस्तुओं पर जीएसटी दर को कम किया गया है.
उन्होंने कहा कि समग्र जीएसटी संग्रह 70% अधिक मजबूत है,जो करीब 95,000 करोड़ रुपये का रिटर्न दाखिल कर रहा है.
जीएसटी दरों में क्या कुछ हुआ बदलाव
► मध्यम आकार की कारें पर 2% की वृद्धि
► बड़ी कारों में 5% की वृद्धि
► एसयूवी पर 7% की वृद्धि
केवीआईसी स्टोरों के माध्यम से खादी कपड़ो पर छूट मिलेगी
*बिना ब्रांडेड खाद्य पदार्थों पर जीएसटी से छूट मिलेगी जबकि ब्रांडेड और पैक खाद्य पदार्थ 5 % जीएसटी दर लगेगी
*कस्टर्ड पावर, ऑयल केक, प्लास्टिक रेनकोट, रबड़ बैंड, चावल, कम्प्यूटर मॉनिटर ,रसोई गैस,झाडू आदि पर कम हुआ टैक्स
*अंतरराज्यीय बिक्री व्यापारियों का टर्नओवर 20 लाख रुपए से कम है, तो उन्हें पंजीकरण की जरूरत नहीं.
जीएसटी से आम आदमी को ना हो परेशानी
गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने से भारत के अप्रत्याशित कर प्रणाली (इनडॉयरेक्ट टैक्स सिस्टम) में भारी फेरबदल हुआ है. इसके अलावा सरकार की तरफ से लगातार इस बारे में कोशिश की जा रही है कि नया टैक्स सिस्टम लागू होने पर आम आदमी को कोई परेशानी का सामना न करना पड़े.
मुनाफाखोरी पर लगाम
वित्त मंत्री ने कहा कि दूसरे देशों के विपरीत भारत में बहु-स्तरीय जीएसटी लागू किया गया है, ऐसे में नए नियमों को समझने में व्यापारियों को परेशानी हो रही है. इसी के चलते कुछ कंपनियां इस बात का फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं.
इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार मुनाफाखोरी रोकने के लिए नई योजना के तहत नियमों का गलत इस्तेमाल करने वालों पर लगाम लगाने की तैयारी में है.
क्या है सेक्शन 171 ?
अरूण जेटली ने कहा कि जीएसटी एक्ट के सेक्शन 171 के तहत कंपनियों को अपने टैक्स से हुई बचत का फायदा ग्राहकों को देना होगा.
उन्होंने कहा कि सरकार इस बात का ध्यान रखेगी कि टैक्स कम करने पर कीमतें कम हुई हैं या नहीं. और ऐसा नहीं करने पर सरकार की तरफ से धोखा करने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
 करदाताओं की सुविधा के लिए उपाय
जीएसटी परिषद ने निर्यात से जुड़े मुद्दों की जांच के लिए राजस्व सचिव की अध्यक्षता में केंद्र और राज्य दोनों के अधिकारियों को मिलाकर एक समिति बनाने का फैसला किया है.
जीएसटी परिषद केअतर्गत जीएसटी कार्यान्वयन के समय आईटी चुनौतियों से निपटने के लिए मंत्रियों का एक समूह गठित होगा.
इसके अलावा यह पैनल रिटर्न दाखिल करने की करों से बचने के लिए जीएसटी के बाद ब्रांडों को रद्द करने वाले व्यपारियों से निपटने के लिए लेवी के प्रयोजन पर विचार करेगी.

साभार- इकोनॉमिक्स टाइम्स