पीएम का दिल्ली हरियाणा को डबल गिफ्ट, KMP एक्सप्रेसवे और बल्लभगढ़-मुजेसर मेट्रो को किया चालू

KMP Expressway Ballabhgarh Mujesar Metro Inaugration
फोटो साभार - सोशल

KMP Expressway Ballabhgarh Mujesar Metro Inaugration : 40 फीसदी गाड़ियां दूसरे राज्य में बिना दिल्ली में प्रवेश किए बाहर से होकर चली जाएंगी.

KMP Expressway Ballabhgarh Mujesar Metro Inaugration : प्रधानमंत्री मोदी ने आज यानि की सोमवार को देश को एक और एक्सप्रेसवे समर्पित कर दिया.

पीएम ने कुंडली-मनेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया है, जिसे वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के नाम से भी जाना जाएगा.
इसके शुरू होने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि अब दिल्ली के अंदर यातायात का बोझ कुछ कम होगा क्योंकी इसके शुरू होने के बाद राजधानी में अन्य राज्यों से आने वाली 40 फीसदी गाड़ियां दूसरे राज्य में बिना दिल्ली में प्रवेश किए बाहर से होकर चली जाएंगी.
वहीं कम बड़ी मात्रा में गाड़ियों के शहर में प्रवेश ना करने की वजह से दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से भी राहत मिलेगी.
इसके अलावा पीएम ने बल्लभगढ़-मुजेसर की वायलट लाइन मेट्रो की भी शुरुआत कर दी. सोमवार शाम 5 बजे से यह लाइन आम लोगों के लिए खोल दी जाएगी.
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बता दें कि  मुजेसर से बल्लभगढ़ मेट्रो का ये रेल सेक्शन फरीदाबाद, दक्षिण पूर्व दिल्ली व मध्य दिल्ली को जोड़ेगा. इसके शुरू होने के बाद से आप बल्लभगढ़ से कश्मीरि गेट 75 मिनट में पहुंच जाएंगे जिसके लिए पहले 2:30 घंटे का समय लगता था.
गुरूगाम में आयोजित उद्घाटन समारोह में पीएम मोदी ने कहा कि हरियाणा का मतलब हिम्मत होता है, यहां के युवा सीमा पर खड़े होकर देश के लिए लड़ते हैं.

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पिछली सरकार ने अटकाए रखा प्रोजेक्ट
अपने भाषण में पीएम मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि इस एक्सप्रेस-वे पर 12 साल से काम चल रहा था और ये 8-9 साल पहले ही मिल जाना चाहिए था. लेकिन पूर्व की मनमोहन सरकार के काम करने के ढंग ने इसे पूरा नहीं होना दिया
पीएम ने कांग्रेस सरकार पर ये भी आरोप लगाए की उनकी वजह से आज इस प्रोजेक्ट की लागत 3 गुना बढ़ गई है क्योंकी उन्होंने इसे सही समय पर पूरा नहीं होने दिया.
क्यों खास है ये एक्सप्रेसवे
इस एक्सप्रेसवे करीब 50 हजार बड़ी गाड़ियों को दिल्ली में आने से रोकेगा.
6 लेन के इस एक्सप्रेसवे पर पार्किंग की जगह, पेट्रोल स्टेशन, पुलिस थाने, एक ट्रॉमा सेंटर, हेलीपैड, जलपान गृह और मनोरंजन केंद्र आदि मौजूद हैं.
वहीं पूरे एक्सप्रेसवे पर फेंसिंग का काम चल रहा है ये पूरी तरह सिग्नल मुक्त रहेगा और इसपर आप 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी चला सकते हैं.वहीं इसपर 7 टोल बूथ भी बनाए गए हैं.
इस रूट पर 8 छोटे और 6 बड़े पुल होंगे साथ ही 4 रेलवे ब्रिज, 34 अंडरपास और 64 पैदल यात्री क्रॉसिंग की सुविधा  दी गई है.
 इंडिया टूडे से बाचीत में प्रोजेक्ट हेट दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि अब वेस्टर्न पेरिफेरल और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे एक दूसरे से जुड़ गए हैं जो दिल्ली के आसपास एक रिंग रोड की तरह काम करेगा.
उन्होंने बताया कि देश में पहली बार ऐसा होने जा रहा है जब किसी एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों काभार मापने के लिए ए वे-इन-मोशन सेंसर्स लगाए गए हैं.

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भूमि अधिग्रहण बना रोड़ा
गौरतलब है कि इस एक्सप्रेसवे का शिलान्यास 2005-06 में ही हो चुका था, मगर भूमि अधिग्रहण और दिए जाने वाले मुआवजे को लकर लोगों और सरकार में अक्सर टकराव की स्थिति बनी रहती जिस वजह से इसमें विलम्ब होता गया.
साल 2009 में एक्सप्रेसवे की कंस्ट्रक्शन कंपनी ने अपना काम रोक दिया लेकिन 2016 मे मौजूदा मोदी सरकार ने बीचब चाव कर एक बार फिर इसे शुरू कराया.