सिफारिशें मंजूर-रास्ता साफ, मराठा आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र कैबिनेट का बड़ा फैसला

Maharashtra Cabinet Approves Maratha Reservation Bill
PC - India Today

Maharashtra Cabinet Approves Maratha Reservation Bill : क्या मराठा आरक्षण के मामले में राज्य सरकार झुक गई है ?

Maharashtra Cabinet Approves Maratha Reservation Bill : क्या मराठा आरक्षण के मामले में राज्य सरकार झुक गई है, क्या उसने मराठाओं की सभी मांगों को स्वीकर करने का सोचा है ? महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के ताजा फैसले से कुछ ऐसा ही प्रतीत हो रहा है.

दरअसल महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने लंबे सालों से चली आ रही मराठाओं के आरक्षण की मांग को लेकर बड़ा कदम उठाया है.
बता दें कि आज यानि की रविवार को देवेंद्र फडणवीस कैबिनेट ने मराठा आरक्षण के लिए बिल को मंजूरी दे दी.यानि की अब राज्य में मराठाओं को मिलने वाले आरक्षण का रास्ता काफी हद तक साफ हो गया है.
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इस बारे में खुद मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि उनकी कैबिनेट की मराठा समाज को आरक्षण देने पर सहमति बन चुकी है.

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मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि  इस समुदाए के लोगों को सोशल एंड इकनॉमिक बैकवर्ड कैटेगरी(SEBC) के तहत अलग से आरक्षण दिया जाएगा के तहत अलग से आरक्षण दिया जाएगा.
इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि हमें पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट मिली थी, जिसमें हमने उनकी सिफारिशों को मंजूर करते हुए उनपर अमल करने के लिए एक कैबिनेट सब कमिटी बनाई है.
जुलाई में हुआ था हिंसक आंदोलन
आपको तो याद ही होगा कि इसी साल जुलाई महीने में किस तरह मराठाओं ने आरक्षण को लेकर उग्र आंदोलन किया था.
आरक्षण के समर्थन में सबसे पहले महाराष्ट्र के औरंगाबाद में आंदोलन किये गए थे जहां से ये आग धीरे धीरे पूरे राज्य में फैल गई थी .
जिसके बाद अगस्त में सरकार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए नर्मी बरती और आरक्षण को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी .
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1980 से लंबित है आरक्षण की मांग
गौरतलब है कि मराठाओं के आरक्षण की मांग 1980 से लंबित पड़ी है, राज्य पिछड़ा आयोग ने भी अपनी रिपोर्ट में 25 विभिन्न मानकों जिसमें सामाजिक,शैक्षणिक और आर्थिक शामिल है के आधार पर इनकी स्थिति को काफी दयनीय बताया.
बतौर आज तक इस दौरान किए गए सर्वे में 43 हजार मराठा परिवारों की स्थिति जानी गई. इसके अलावा जन सुनवाइयों में मिले करीब 2 करोड़ ज्ञापनों का भी अध्ययन किया गया.
कांग्रेस- एनसीपी सरकार ने दिया था आरक्षण, लेकिन…
यहां आपको बता दें कि साल 2014 में कांग्रेसए-एनसीपी की सरकार ने मराठाओं को 16% का आरक्षण दे दिया था. लेकिन हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के इस फैसले को नामंजूर करते हुए इस पर रोक लगा दी थी.
कोर्ट ने साल 2014 में ही यह बात स्पष्ट रुप से कही थी कि मराठाओं को किसी प्रकार का आरक्षण नहीं दिया जा सकता…क्योंकि, वह ना तो कहीं से पिछड़े हैं और ना ही उनके पास संपत्ति की कमी है.