Maharastra Doctor Registration Cancel: राज्य के 4,548 डॉक्टरों का पंजीकरण रद्द, वजह जरूर जानिए

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फोटो साभार- एचटी

Maharastra Doctor Registration Cancel: मुंबई मेडिकल कॉलेजों के 2,500 डॉक्टर शामिल

Maharastra Doctor Registration Cancel: महाराष्ट्र सरकार के अंतर्गत आने वाली डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन ऐंड रिसर्च (डीएमईआर) ने राज्य के 4,548 डॉक्टरों का पंजीकरण रद्द कर दिया है.

दरअसल ये सभी डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी एक साल की सेवा देने में नाकाम रहे थे.
इनमें मुंबई के मेडिकल कॉलेजों के भी 2,500 ग्रेजुएट डॉक्टर शामिल हैं.
डीएमईआर के एक अधिकारी ने बताया की हमने यह निर्णय इन डॉक्टरों के ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवा देने से इंकार करने के बाद लिया है.
उन्होंने बताया कि देश के हर राज्य में सरकारी मेडिकल कॉलेजों से पढ़ने वाले छात्रों को एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करने के 5 साल के भीतर 1 वर्ष के लिए किसी गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर काम करने का सरकार के साथ बॉन्ड भरना होता है.
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और अगर वो बॉन्ड के अंतर्गत अपनी सेवा नहीं देते हें तो उन्हें पेनल्टी का भुगतान करना होता है.
जो एक एमबीबीएस डॉक्टर के लिए 10 लाख रुपये, पोस्ट ग्रेजुएट्स के लिए 50 लाख रुपये और सुपर-स्पेशलिटी डॉक्टरों के लिए 2 करोड़ रुपये होती है.
मगर आपको बता दें कि महाराष्ट्र के इन डॉक्टरों ने इन दोंनो नियमों का उल्लंघन किया है ना तो उन्होंने गांव में अपनी सेवा दी और ना ही बॉन्ड की पेनल्टी भरी.
वहीं राज्य चिकित्सा शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बिना पंजीकरण के अब से यह सभी डॉक्टर फर्जी कहलाए जाएंगे और विभाग के पास उनके खिलाफ कानूनी कर्यवाही करने के पूरे अधिकार रहेंगे.
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ग्रमीण क्षेत्रों में जाने से क्यों कतराते हैं डॉक्टर ?
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के युवा शाखा के अध्यक्ष डॉ सागर मुंदडा ने कहा कि चिकित्सा विभाग ने उनका पंजीकरण तो रद्द कर दिया लेकिन क्या कभी उन्होंने यह जानने की कोशिश की आखिर यह डॉक्टर गांवों में जाने से क्यों कतराते हैं.
उन्होंने बताया कि इन डॉक्टरों की शिकायत ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवा देने से नहीं बल्कि वहां के स्वास्थ्य केंद्रों की जर्जर हो चुके बुनियादी ढांचे से है.
डॉक्टर सागर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रो में थोड़ी बहुत दवाओं के अलावा अन्य दवाओं की आपूर्ति ही नहीं की जाती है.
इसके अलावा मेडिकल में इस्तेमाल होने वाली अन्य आवश्यक सामग्री जो उन्हें प्रदान की जाती है उसकी गुणवत्ता इतनी खराब होती है कि उसका मरीजों पर उपयोग करना भी जान लेवा साबित हो सकता है.
वहीं इन डॉक्टरों को मिलने वाले सरकारी आवास की दशा तो इतनी इतनी खराब अवस्था में रहती है कि वहां रहना भी दुभर हो.
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Maharastra Doctor Registration Cancel: हम ये कह सकते हैं कि महाराष्ट्र में डीएमईआर ने डॉक्टरों के खिलाफ जो कार्यवाही की है वो देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है .
मगर हम इस बात से भी इंकार नहीं कर सकते हैं कि पूरे देश में ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रो की हालत कितनी खराब बनी हुई है.
ऐसे में हमारे इन गणमान्य लोगों को यह सोचना चाहिए कि ये डॉक्टर बिना दवाईयों और उपकरणों के उचित प्रबंध के बगैर कैसे वहां के मरीजों का उपचार कर सकते हैं.
एक तो देश में वैसे ही डॉक्टरों की संख्या कम है ऊपर से इतनी तादाद में उनका पंजीकरण रद्द करना देश के हित में तो फिलहाल कभी नहीं हो सकता है.

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