आंध्र प्रदेश में Transgender समुदाए को मिलेगी पेंशन और मकान की सुविधा

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Transgender: आंध्र प्रदेश सरकार ने घोषित की कई कल्याणकारी योजनाएं

आंध्र प्रदेश सरकार ने गुरूवार को राज्य के transgender समुदाए के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की. जिसके तहत उन्हें प्रति माह 1000 रुपए का पेंशन और एक मकान दिया जाना भी शामिल है.
पीटीआई के मुताबित राज्य के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने जिलाधिकारियों के साथ दो दिवसीय सम्मेलन में कहा कि पेंशन के अलावा ट्रांसजेंडरों को राशन कार्ड और मकान भी दिए जाएंगे.
उन्होंने कहा कि हमें ट्रांसजेंडरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की आवश्यकता है ताकि वे एक आत्मनिर्भर समुदाय बन सकें. उन्होंने राज्य के सभी जिलाधिकारियों से इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने को भी निर्देश दिया है.
2014 में लिया गया था ऐतिहासिक कदम
ट्रांसजेंडरों के अधिकारों की बात करते हुए 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को आदेश दिया था कि इस समुदाए की स्थिति में सुधार लाने की आवश्यकता है .
अदालत का कहना था कि वो भी हमारे देश का ही हिस्सा हैं जिसे हम सामाजिक रूप से एक पिछड़ा समुदाय मानते हैं.
ट्रांसजेडरों को मिलने वाले अधिकारों पर सुनवाई करते हुए वरिष्ठ जज ने कहा था कि वो किन्नरों के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर काफी चिंतित है.
उन्हें भी शिक्षा, काम पाने और सामाजिक बराबरी हासिल करने का पूरा हक़ है.
इस समुदाय की तरफ से उनके हक की बात करने वाले वकील संजीव भटनागर ने उस समय कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से किन्नरों को पिछड़े वर्गो की श्रेणी में गिना जाएगा.सालों से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले इस समुदाए को भी आरक्षण और दूसरी तरह की सुविधाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा .
वकील संजीव भटानागर का कहना था कि ये सुविधाएं उन्हें शिक्षा, नौकरियों, सार्वजनिक जगहों पर बराबरी, यातायात और परिवहनों में भी मिलेंगी.
याचिकाकर्ता लक्ष्मी त्रिपाठी ने अदालत के फैसले पर ख़ुशी जताते हुए कहा था कि आज मैं ख़ुश हूं कि हमें भी महिला और पुरूषों की तरह समान अधिकार देने का फैसला माननीय सुप्रीम कोर्ट ने लिया है.