वाराणसी को केंद्र का तोहफा,खुलेगा अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र

प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में चावल की गुणवत्ता और अत्पादन पर रिसर्च करने के लिए अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र (IRRI) खुलने जा रहा है. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस बारे में आदेश पारित हो चुका है.
ये संस्थान राष्ट्रीय बीज अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र (एनएसआरटीसी) के परिसर में खोला जाएगा. पूर्वी भारत का यह पहला अंतरराष्ट्रीय केन्द्र है जो चावल उत्पादन और कौशल विकास के क्षेत्र में काम करेगा.
इस संस्थान की जिम्मेदारी साउथ एशिया रीजनल सेंटर (SARC) के पास रहेगी जिसका हेडक्वाटर फिलिपिंस की राजधानी मनीला में है.
आईआरआरआई (IRRI) के माएने
यहां चावल की पैदावार और उसकी गुणवत्ता बेहतर करने के लिए शोध होगा
संस्थान फसल सुधार और संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में बुनियादी, प्रायोगिक और अनुकूलित शोध की
दिशा में काम करेगा. ताकि विभिन्न मौसमों में भी चावल की उत्पादकता बढ़ाई और स्थिर रखी जा सके.
देश में प्रति हेक्टेयर अपज को बढ़ाने का साथ ही उनमें पोषक तत्वों की वृद्धि में भी सहायक रहेगा.
इसके अलावा संस्थान चावल की उपज के नुकासान को कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के मामलों में भी विचार करेगा.
इस संस्थान से पूर्वी भारत सहित दक्षिण एशिया के देशों में फूड प्रोडेक्शन और स्किल डेवलपमेंट में बढ़ोतरी होगी
यह केन्द्र के छह महीने के भीतर काम करना शुरु कर देगा