AI सिस्टम से आसान होगा आंखों की लगभग 50 बीमारियों की पहचान और उनका इलाज

AI Detect 50 Eye Diseases
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AI Detect 50 Eye Diseases : ट्रायल में 94.5 प्रतिशत बीमारियों की सटीक पहचान करने का दावा किया गया है

AI Detect 50 Eye Diseases : बदलते वक्त के साथ तकनीकि विकास ने मानव शरीर के लिए बीमारियों का पता लगाना और उनका निदान दोनों को बहुत ही आसान बना दिया है.
दरअसल गूगल से जुड़ी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कंपनी ‘डीप माइन्ड‘ ने एक सिस्टम तैयार किया है जो हुबहू एक डॉक्टर की ही तरह मानव के आंखों की तकरीबन 50 बीमारियों की पहचान कर सकता है.
लंदन के एक हॉस्पिटल में एआई द्वारा निर्मित इस सिस्टम का ट्रायल किया गया जिसमें 94.5 प्रतिशत बीमारियों की सटीक पहचान कर ली गई है.
बता दें कि यह सिस्टम एआई 3डी स्कैन का इस्तेमाल कर आंख से जुड़ी बीमारियों का गहरा अध्ययन करता है जिसे तीन संस्थानों के बीच एक बहुआयामी सहयोग से बनाना संभव हुआ.
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कैसे करता है काम
ये सिस्टम डेटा में सामान्य पैटर्न की पहचान करने के लिए एल्गोरिदम का उपयोग करता है जिसमें, डेटा ऑप्टिकल समेकन टोमोग्राफी, या ओसीटी के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक का उपयोग किया जाता है.
यह तकनीक मरीजों की आंखों का 3 डी स्कैन करती है और फिर इसे बनाने में लगभग 10 मिनट लेती है. इसके बाद ये आंख की आंतरिक सतहों के पास इन्फरा रेड लाइट को उछालते हैं, ऐसा करने से ऊतक की एक 3 डी छवि बनती है, जो आंखों के स्वास्थ्य का आकलन करने का एक सामान्य तरीका है.
बता दें कि ओसीटी स्कैन एक महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण हैं. इस सिस्टम को लगभग 7,500 रोगियों से लगभग 15,000 ओसीटी स्कैन पर प्रशिक्षित किया गया है.
गौरतलब है कि दुनिया भर में लगभग 285 मिलियन दृष्टिबाधित लोग मौजूद होंगे और आंख की बीमारी इस स्थिति का सबसे बड़ा कारण है.
ऐसे में ओसीटी स्कैन आंखों की बीमारी को खोजने के लिए एक महान उपकरण साबित हो सकता है (2014 में अकेले अमेरिका में 5.35 मिलियन किए गए थे), लेकिन इस डेटा को समझने में समय लगता है.
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यही नहीं नैदानिक प्रक्रिया में बाधा भी उत्पन्न होती है, लेकिन यदि एल्गोरिदम डॉक्टरों को देखभाल की ज़रूरत वाले लोगों को निर्देशित करके रोगियों के इलाज में मदद कर सकता है, तो यह अविश्वसनीय रूप से फायदेमंद हो सकता है.
बहरहाल अगर इस सिस्टम की मदद से आंखों की स्थिति को जल्दी से निदान और इलाज उपलब्ध हो सकता है, तो यकीनन हमें लोगों की दृष्टि को बचाने का सबसे अच्छा मौका मिल जाएगा.
फिलहाल दीपमाइंड के अनुसार इस सिस्टम की प्रक्रिया जल्द ही शुरू करने की उम्मीद जताई जा रही है.