जानें कितना खतरनाक है पैनिक्राटिक कैंसर जिसने ली श्री मनोहर पार्रिकर की जान

Goa CM Manhohar Parrikar Death

Goa CM Manhohar Parrikar Death : 17 मार्च 2019 को 63 वर्ष की उम्र में हुआ निधन

Goa CM Manhohar Parrikar Death : गोवा के मुख्यमंत्री और देश के पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर 17 मार्च 2019 को 63 वर्ष की उम्र में हम सबको हमेशा के लिए अलविदा कहकर चले गए.

मगर उनकी सादगी और ईमानदारी को ये देश हमेशा याद रखेगा,और भविष्य में इसकी मिसालें भी दी जाएंगी.
श्री मनोहर पार्रिकर सभी नेताओं और मंत्रियों के लिए एक उदाहरण थे कि कैसे इतनी बड़े पद पर रहते हुए भी व्यक्ति को आम आदमी जैसा व्यवहार करना चाहिए.
जैसा की आप सभी जानते हैं की श्री पर्रिकर लंबे समय से एक जानलेवा बिमारी पैन्क्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे थे.
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आज की अपनी इस खबर में हम आपको इस बिमारी से जुड़ी कुछ जानकारियां साझा करेंगे की कैसे ये लोगों की जान ले लेती है और तकनीक की दुनिया मे भी इसका इलाज संभव नहीं है.
शुरूआती स्टेज में लक्षण नही आते सामने़
बता दें की इस बिमारी के जानलेवा होने की सबसे बड़ी वजह है कि इसके शुरूआती स्टेज में लक्षण सामने नहीं आ पाते.
ज्यादातर मामलों में लक्षण दिखाई देना तब शुरू होते हैं जब या तो प्रभावित सेल्स बड़ा आकार ले लेते हैं या फिर पैंक्रियाज के बाहर फैल चुके होते हैं.
अगर अडवांस स्टेज में पैन्क्रियाटिक कैंसर के बारे में पता चलने पर उसका उपचार शुरू भी कर दिया जाए तो भी मरीज के पूरी तरह ठीक होने की संभावना बहुत कम रहती है.
कैसे होता ये कैंसर
जब पैंक्रियाज के सेल काउंट में बहुत तेजी से वृद्धि होने लगती है तो अनियंत्रित कोशिकाएं घातक ट्यूमर बनाती हैं .
इसके बाद ये ब्लड स्ट्रीम के जरिए शरीर के अन्य हिस्सों पर आक्रमण करता है, जिससे ऑर्गन फेलियर और मौत हो सकती है.
क्या है लक्षण
इस बिमारी की सबसे घातक बात यह है कि इसके तब तक नहीं दिखते जब तक कि ये क्रिटिकल स्टेज में ना पहुंच जाए.
इसके जो शुरूआती लक्षण दिखते हैं वो भी अन्य बिमारीयों जैसे ही होते हैं जिस वजह से व्यक्ति अन्य बिमारियों का ही इलाज करवाने लगता है.
इस वजह से न्क्रियाटिक कैंसर को शरीर में बढ़ने का मौका मिल जाता है.
  • अचानक वजन में कमी आ जाना
  • पाचन संबंधी समस्या
  • बार-बार बुखार आना
  • भूख न लगना
  • त्वचा का रूखापन बढ़ना
  • बेचैनी बने रहना या उल्टी होना
  • पीलिया
  • पेल या ग्रे मल
  • हाई ब्लड प्रेशर या शुगर

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क्या है इसका संभव इलाज
इसके इलाज में आम तौर पर सर्जरी या कीमोथैरेपी की जाती है.
विपल प्रसीजर (Whipple procedure)
पैंक्रियाज, स्मॉल इंटेस्टाइन और गॉलब्लैडर के छोटे हिस्से को निकाल दिया जाता है।
डिसटल पैंक्रियाटेक्टमी (Distal pancreatectomy)
पैंक्रियाज के लंबे हिस्से जिसे टेल भी कहा जाता है उसे हटा दिया जाता है.
कीमोथेरपी (Chemotherapy)
पैन्क्रियाटिक कैंसर के लिए कीमोथेरपी या इसके साथ रेडियोथेरपी का इस्तेमाल किया जाता है। इलाज की इस पद्धति में सर्जरी भी की जाती है.