भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं हृदय रोग के मरीज, कैंसर और मधुमेह भी बना घातक

India Heart Cancer Diabetes Disease Patients Increases Rapidly

India Heart Cancer Diabetes Disease Patients Increases Rapidly : भारत में तेजी से गिर रहा है स्वास्थ्य गिरावट कैंसर के मरीज 1990 से 2016 तक हुए दोगुने.

India Heart Cancer Diabetes Disease Patients Increases Rapidly : भारत में बढ़ती जनसंख्या के साथ साल दर साल स्वास्थ्य भी पिछड़ता जा रहा है, ह्रदय रोग और मधुमेह के मरीजों की तादात में इजाफा एक गंभीर समस्या का रूप ले चुका है.

हाल ही प्रतिष्ठित जर्नल द लेंसेट में प्रकाशित हुए नए अध्ययनों से इस बात का खुलासा हुआ है कि देश में साल 1990 से 2016 के बीच हार्ट डिजीज (हृदय रोग) के मरीजों में 50 फीसदी की वृद्धि हुई है.
जबकि डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों में 150 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है.
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर), पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पीएचएफआई) और इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मेट्रिक्स ऐंड इवोल्यूशन (आईएचएमई) की एक संयुक्त रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि देश के अलग-अलग राज्यों में इन बढ़ती बीमारियों के प्रसार काफी अंतर है.
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क्या हैं रिपोर्ट के आंकड़ें 
अध्ययन की इस रिपोर्ट में डायबिटीज से पीड़ित भारतीयों की संख्या 1990 में 2.6 करोड़ थी, जो 2016 में बढ़कर 6.5 करोड़ हो गई. फेफड़ों के मरीजों की संख्या में भी 2.8 करोड़ से बढ़कर 5.5 करोड़ का इजाफा हुआ है.
वहीं भारत में हृदय संबंधी बीमारियों और पक्षघात के कारण हुईं मृत्यु के आंकड़े 1990 में 15.2 प्रतिशत थे जो 2016 में बढ़कर 28.1 प्रतिशत आंके गए.
बता दें कि इन मौतों में से 17.8 प्रतिशत हृदयरोग और 7.1 प्रतिशत पक्षाघात के कारण हुई, जिनमें महिलाओं की तुलना में पुरुषों में हृदय रोग से मृत्यु और अक्षमता का अनुपात काफी अधिक रहा, लेकिन पुरुषों और महिलाओं में पक्षाघात समान रूप में पाया गया.
कैंसर के मरीजों में दोगुना इजाफा
रिपोर्ट के अनुसार देश में 1990 के बाद से कैंसर मरीजों की संख्या दोगुनी हो चुकी है,2016 में भारत में कुल मृत्यु का 8.3 % कैंसर के कारण हुई है.भारत में कैंसर के मामलों की अनुमानित संख्या 1990 में 5.48 लाख से बढ़कर 2016 में 10.6 लाख हो गई है.
बता दें कि यह रिपोर्ट 1990 के बाद उपलब्ध बीमारियों के दर्ज आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है जिसे विशेषज्ञों के साथ देश भर के 100 से अधिक संस्थानों ने मिलकर तैयार किया है.
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पिछड़ें राज्यो में है ज्यादा मरीज
आईसीएमआर के महानिदेशक और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य शोध विभाग के सचिव प्रोफेसर बलराम भार्गव ने कहा, ‘सबसे चिंता की बात यह है कि देश के पिछड़े राज्यों में सबसे ज्यादा हृदय रोग और मधुमेह के मरीज हैं.
यही नहीं बच्चों को होने वाली बीमारियों से भी सबसे ज्यादा पीड़ित देश के पिछड़े राज्य ही हैं.