Late Night Chat : अगर आप देर रात तक स्मार्टफोन से करते हैं चेटिंग तो जरूर पढें ये खबर

late night chat
demo pic

Late Night Chat : शोध में सामने आए स्मार्टफोन के नुकसान

Late Night Chat : टेक्नोलॉजी के दौर में आप स्मार्ट फोन तो इस्तेमाल करते ही होंगे, और जाहिर सी बात है देर रात तक चेटिंग करना भी आपकी आदत में शुमार होगा.

मगर क्या आपको पता है कि देर रात चेटिंग करने का ये शौक आपके लिए कितना नुकसान भरा साबित हो सकता है.
शोध में सामने आए स्मार्टफोन के नुकसान
अमेरिकन मस्कुलर डिजनरेशन फाउंडेशन की रिसर्च में चौंकाने वाले आंकड़ें सामने आएं हैं. संस्था ने अपने रिसर्च में पाया कि दुनिया के हर संपन्न देश में लगभग 100 में से हर 60 नौजवान स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं. और इनमें से 80 फीसद नौजवान देर रात तक अपने स्मार्टफोन से चेटिंग करते रहते हैं.
रिसर्च में यह बात भी सामने आई है कि देर रात तक स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना हमारी आंखों की रोशनी के लिए नुकसानदायक होता है. क्योंकि स्मार्टफोन से वेकेंशियल सेंसेट मैग्नेटिव वेव्स निकलती हैं, जो आंखों की रेटिना को भारी नुकसान पहुंचाती है, जिससे हमारी आंखों की रोशनी इफेक्टड होती है.
आपको बता दें कि स्मार्टफोन से निकलने वाली ये वेव्स इतनी घातक होती हैं कि 30 मिनट के भीतर ही ये हमारी आखों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देती हैं.

जबकि कमरे में रात के समय बंद लाइट में स्मार्ट फोन से निकलने वाली इन वेव्स का रेडियस पांच गुना अधिक एक्टिव हो जाता है, जो हमारी आंखों को जबरदस्त नुकसान पहुंचाता है.

इस बात की पुष्टि खुद हावर्ड यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी आफ वरसेस्टर, और इंगलैंड ने अपने किए गए हालिया शोध के आधार पर किया है.
आंखों की रोशनी नहीं, शरीर को भी नुकसान
रिसर्च में यह भी निकला है कि रात के अंधेरे में 20 दिन लगातार स्मार्टफोन का यूज करने से रेटिना की विजुअलिटी बहुत ज्यादा प्रभावित होती है.
इसमें पहले तो आंखों में दर्द होता है, और फिर इसके बाद भी अगर स्मार्टफोन का यूज करते रहे तो आपकी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे खराब होनी शुरू हो जाती है. और फिर आखिर में नजरों का चश्मा ही लास्ट विकल्प बचता है.

खैर, आंखों में नुकसान का तो हम सबको कुछ हद तक जानकारी रहती ही है, मगर हैरानी वाली बात ये भी है कि स्मार्टफोन की रेडियस सिर्फ आंखों को ही नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि इंसान के दूसरे अंगों तक भी अपना इफेक्ट डालती हैं.

ये रेडियस सीधे दिमाग (माइंड) पर भी असर करती हैं, क्योंकि आंखों में दर्द होने के कारण हमारे दिमाग में भी इसका गहन असर होता है, और सिर भारी होने जैसी समस्या आने लगती है. वहीं, समय पर नींद ना आने से आंखों के नीच डार्क सर्कल भी पड़ने लगते हैं.