माइग्रेन के दर्द से परेशान लोगों के लिए अच्छी खबर, वैज्ञानिकों ने इजात की नई दवा

Migraine New Drug
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Migraine New Drug : माइग्रेन की रोकथाम के लिए बनाई गई दवा इंसुलिन पेन की तरह दिखाई पड़ती है.

Migraine New Drug : अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने माइग्रेन के दर्द से पीड़ित लोगों को राहत दिलाने वाली नई दवा को मंजूरी दे दी है.

गौरतलब है कि माइग्रेन से पीड़ित लोगों को भयानक सिरदर्द जूझना पड़ता है, इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए इंजेक्शन रूपी ये दवा बनाई गई है.
विशेषज्ञों का दावा है कि इस दवा की मदद से माइग्रेन के मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा.
कैसी है माइग्रेन की नई दवा 
बता दें कि इस दवा को ऐम्गन और नोवार्टिस कंपनी ने बनाया है, जिसका नाम ऐमोविग(Aimovig) रखा गया है.
दरअसल एमोविग नाम की यह दवा एक इंजेक्शन की तरह है जिसे मासिक तौर पर एक डिवाइस के जरिये लिया जा सकेगा. यह इंजेक्शन रूपी दवा हूबहू इंसुलिन पेन की तरह होता है.
इस दवा की कीमत की बात करें तो इसका सालाना दाम 6 हजार 900 डॉलर यानि 4.70 लाख रुपए है. जबकि मासिक रेट 575 डॉलर यानि 40 हजार रुपये है.
एमोविग (aimovig) नाम की यह नई दवा शरीर में cgrp और प्रोटीन को टुकड़ों में तोड़ देती है, यह वह प्रोटीन है जो माइग्रेन को उकसाता है और फिर उसे स्थिर बना देता है.
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माइग्रेन के मरीजों के लिए अच्छी खबर है कि एमोविग दवा से मिलती जुलती दवा को तीन अन्य कंपनियां लिलि, टेवा और ऐल्डर भी बनाने की आखिरी प्रक्रिया में हैं और यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी कर ली जाएगी.
पिछली दवाओं का प्रभाव
दुनियाभर में हर 7 में से 1 व्यक्ति माइग्रेन से पीड़ित है, और अभी तक बाजार में उपलब्ध दवाएं उसका अटैक होने से नहीं रोक सकती हैं.
गौरतलब है कि माइग्रेन के दर्द से राहत के लिए बाजार में पहले ही कई दवाएं मौजूद हैं, लेकिन बाजार में उपलब्ध दवाएं पीड़ित तक कई साइडइफेक्ट लेकर आती हैं.
माइग्रेन के दर्द में दी जाने वाली दवा एपिलेप्सी असल में मिर्गी और झुर्रियों को कम करने के लिए बनाई गई थीं. इसी कारण इन दवाओं का सेवन करने से मरीज को किसी तरह का फायदा नहीं होता है.
यही नहीं अमेरिकी विशेषज्ञों ने भी बताया है कि माइग्रेन के मरीज इन दवाओं का सेवन इसलिए नहीं करते हैं क्योंकि इससे उन्हें कोई खास फायदा नहीं होता है और साथ ही मरीज को इस दवा के गंभीर साइड इफेक्ट देखने को मिलते हैं.
हालांकि ऐरीजोना के मेयो क्लिनिक के न्यूरॉल्जिस्ट और माइग्रेन स्पेशलिस्ट डॉ अमाल स्टार्लिंग का कहना है कि माइग्रेन से राहत पाने के लिए बनाई गई इस नई दवा का प्रभाव पीड़ितों को बड़े पैमाने पर मिलेगा.