स्वास्थ्य सेवाओं में अधिक खर्च से बढ़ रही है दुनियाभर में गरीबी – WHO

WHO Health Expenses Report
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WHO Health Expenses Report : विश्व के 10 करोड़ लोग बद्तर गरीबी की हालात में पहुंच रहे हैं.

WHO Health Expenses Report : देश की स्वास्थ्य सेवा अच्छी हो ये भला कौन नहीं चाहता,शायद यही वजह है की सरकारें अरबों- खरबों इस क्षेत्र में खर्च करती है.

लेकिन अगर आपको पता चले की सरकारों द्वारा हेल्थ सेक्टर में खर्च किए जा रहे पैसों की वजह से दुनिया भर में गरीबी बढ़ रही है तो क्या आप हमारी इन बातों पर यकीन करेंगे.
जी हां ये सच है दुनिया भर की सरकारों द्वारा स्वास्थ्य सेवा पर होने वाले खर्च में इजाफा होने से विश्व के 10 करोड़ लोग बद्तर गरीबी की हालात में पहुंच रहे हैं,और ऐसा हम नहीं कह रहे बल्की विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट खुद ये सच्चाई सामने आई है.
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WHO की ‘वैश्विक स्वास्थ्य सेवा खर्च-2018‘ में बताया गया है की छोटे व मध्य आय वाले देशों में स्वास्थ्य सेवा खर्च हर साल औसतन 6 फीसदी की दर से बढ़ रहा है जबकि उच्च आय वाले देशों में यह वृद्धि लगभग 4 फीसदी है.
रिपोर्ट के अनुसार मध्यम आयु वाले देशों में प्रति व्यक्ति सरकारी स्वास्थ्य सेवा खर्च वर्ष 2000 के मुकाबले दोगुना हो गया है.
बता दें की वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में स्वास्थ्य सेवा खर्च का योगदान 10 फीसदी का है.
इस खर्च में सरकार का व्यय, लोगों द्वारा खुद किया जाने वाला खर्च और स्वैच्छिक स्वास्थ्य सेवा बीमा, नियोक्ता द्वारा प्रदत्त स्वास्थ्य कार्यक्रम व गैर सरकारी संगठनों के कार्यकलापों जैसे स्रोत शामिल हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, सरकार औसतन देश के स्वास्थ्य सेवा खर्च का 51 फीसदी वहन करती है,
जबकि हर देश में अनुमानित 35 फीसदी से ज्यादा लोगों को हेल्थ सेक्टर में खर्च खुद करना पड़ता है, जिसके परिणामस्वरूप हर साल 10 करोड़ लोग अत्यंत गरीबी के शिकार बनते जा रहे हैं.
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डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टैड्रोस ऐडरेनॉम गैबरेयेसस ने इसे लेकर एक बयान में बताया की यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज और स्वास्थ्य से संबंधित टिकाऊ विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए घरेलू खर्च में वृद्धि जरूरी है, लेकिन स्वास्थ्य सेवा खर्च लागत नहीं है.
यह गरीबी उन्मूलन, नौकरी, उत्पादकता, समावेशी आर्थिक विकास और अधिक स्वासथ्यकर, सुरक्षित व बेहतर समाज के लिए निवेश है.