World Aids Day 2018 : इस खबर से एचआईवी/एड्स के प्रति बने जागरूक , तभी रहेंगे सुरक्षित

World Aids Day 2018

World Aids Day 2018 : एच.आई.वी से संक्रमित लोगों में लम्बे समय तक एड्स के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते

World Aids Day 2018 : आज विश्व एड्स डे है, इस दिन दुनियाभर में HIV/AIDS की बिमारी को लेकर दुनियाभर में जागरूकता अभियान और प्रोग्राम किए जाते हैं.

ये तो हम सभी जानते हैं कि एचआईवी/एड्स एक जानलेवा बिमारी है. आइए आज हम भी अपनी इस खबर के माध्यम से आपको एड्स/एचआईवी के प्रति कुछ जागरूक करते हैं..
क्य़ा होता है एड्स
एड्स का मतलब उपार्जित प्रतिरक्षी अपूर्णता सहलक्षण (Acquired Immune Deficiency syndrome) है.
ये मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु (Human immunodeficiency virus) से होता है . एचआईवी शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता पर आक्रमण करता है जिससे हमारा शरीर दिन प्रतिदिन कमजोर होता जाता है.
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क्या है लक्षण
एच.आई.वी से संक्रमित लोगों में लम्बे समय तक एड्स के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते.अधिकतर एड्स के मरीजों को शुरूआत में सर्दी, जुकाम उल्टी,सिरदर्द और विषाणु बुखार हो जाता है जिससे एड्स होने का पता नहीं लगाया जा सकता.
एचआईवी वायरस का पहला लक्षण 2 से 6 हफ्तों के बीच में दिखाई देने लगता है. इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम बिगड़ने लगता है.
अगर आपने किसी HIV पीड़ित शख्स के साथ अनप्रोटेक्टिड सेक्स किया हो और उसके बाद इस तरह के लक्षण आपके अंदर दिख रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं. क्योंकि कई बार डॉक्टर स्टेज वन में ही एंटी-एचआईवी ड्रग्स देकर आपको इस वायरस से बचा सकते हैं.
वहीं जब सामान्य फ्लू जैसे लक्षण ना हो और उके शरीर में हर वक्त थकान, गले के आस-पास सूजन, 10 दिनों से ज्यादा बुखार, रात में पसीना आना, बेवजह वजन घटना, स्किन पर बैंगनी रंग के दाग, जल्दी-जल्दी सांसे आना, लंबे समय से डायरिया, मुंह, गले या महिलाओं के गुप्तांग में यीस्ट इंन्फेक्शन और जरा सी चोट पर ज्यादा खून बहने जैसी घटनाएं होती हैं तो समझ लो वो एड्स के दूसरे स्टेज में जा पहुंचा है.
इस स्टेज के दौरान डॉक्टर की सलाह के मुताबिक दवाइयों और हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाकर HIV इन्फेक्शन को फैलने से रोका जा सकता है.

HIV Aids Patient Discrimination Act

हर तीन मिनट में 15 से 19 वर्ष की एक किशोरी हो रही एड्स का शिकार
यूनीसेफ ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि दुनिया भर में किशोर लड़कियां बेहद तेज़ी से एड्स का शिकार हो रही हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक पूरे विश्व के अंदर हर तीन मिनट में 15 से 19 वर्ष की एक लड़की एचआईवी से संक्रमित होती है.
एम्सटर्डम में एड्स को लेकर आयोजित हुए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में यूनिसेफ द्वारा पेश की गई इस रिपोर्ट में यह भी चेताया गया है कि यह संकट लैंगिक समानता की वजह से भी बढ़ रहा है.
यूनीसेफ के अनुसार किशोरियों में यह बीमारी फैलने का कारण कम उम्र में सेक्स, पुरुषों का ज़बरदस्ती संबंध बनाना, गरीबी और जागरूकता की कमी है.
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भारत में आई कमी
संयुक्त राष्ट्र ने अपनी एक रिपोर्ट में माना है कि भारत में HIV संक्रमण के मामलों में कमी आई है.
यहां साल 2010 से लेकर 2017 के बीच एड्स के मरीजों और इससे होने वाली मौतें मे काफी कमी देखने को मिली है.
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक देश के अंदर हुए इन सुधारों का श्रेय केंद्र सरकार के प्रयासों को जाता है जो इस बिमारी के उपचार और लोगों के बीच इसकी जागरूकता बढ़ाने में सफल रहे.
हालांकि रिपोर्ट्स के अनुसार इस मामले में हमारा पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का प्रयास नाकाफी रहा है क्योंकी वहां पिछले कुछ सालों में एड्स के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है.

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