World Tuberculosis Day : देश में हर साल बढ़ रहे हैं टीबी के मरीज, ये है बड़ा कारण

World tuberculosis Day
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World Tuberculosis Day : समय पर इलाज लेने से टीबी जैसी जानलेवा बीमारी से बचा जा सकता है.

World Tuberculosis Day : ट्यूबरक्यूलोसिस यानि टीबी एक ऐसी जानलेवा बीमारी जिससे प्रति वर्ष लगभग 1.5 मिलियन लोगों की मौत हो जाती है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक दुनिया की एक तिहाई जनसंख्या टीबी से संक्रमित है, वहीं भारत में यह आंकड़ा 2.79 मिलियन लोगों का है.
आपको बता दें कि ये आंकड़े साल 2016 के हैं जिसमें 40 प्रतिशत भारतीय जनसंख्या का टीबी से संक्रमित होना बहुत ही डरा देने वाला है.
इस जानलेवा रोग के बढ़ते हुए इन आंकड़ों का सबसे बड़ा कारण इसके बारे में लोगों के अंदर  जानकारी का बड़ा अभाव माना जाता है.
गौरतलब है कि आज (24 मार्च) को हर साल वर्ल्ड टीबी डे मनाया जाता है. आज के दिन दुनिया भर में टीबी के बारे में लोगों को जागरुक किया जाता है, इसके लक्षणों और इलाज के बारे में सभी प्रकार की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए जगह जगह अभियान चलाए जाते हैं.
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क्या है टीबी ?
टीबी एक ऐसी बीमारी है जो माइकोबैक्टीरिया के कीटाणुओं से फैलाती है और यह सीधे फेफड़ों को प्रभावित करती है.
हालांकि ये ज्यादातर फेफड़ों में ही पाया जाता है लेकिन इसके अलावा यह रोग आंतों, मस्तिष्क, हड्डियों, जोड़ों, गुर्दे, त्वचा तथा हृदय को भी प्रभावित कर सकता है.
क्षयरोग को टी.बी. तपेदिक, ट्यूबरकुलासिस, राजयक्ष्मा, दण्डाणु इत्यादि नामों से पहचाना जाता है.
टीबी के प्रकार और लक्षण
इस रोग के मुख्य प्रकारों को देखा जाए तो सरवाइकल टीबी, हड्डियों की टीबी, मेनिनजाइटिस टीबी, इन्टेस्टाइन टीबी, जेनेटिक टीबी हैं. इस रोग के होने पर लक्षणों से पहचान करना काफी आसान है.
अगर इसके लक्षणों के बारे में बात करें तो दो सप्ताह या उससे ज्यादा दिन तक खांसी होना, खांसी में खून का निकलना, भूख का कम हो जाना, शरीर का वजन कम होना, ठंड लग कर पसीने के साथ बुखार आना, और कई लोगों में तो शरीर में गांठे भी देखने को मिलती हैं.
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टीबी का इलाज
टीबी का बचाव ही इसमें सबसे बड़ा इलाज है, आपको बता दें कि टीबी लाइलाज बीमारी नहीं है लेकिन इसमें लापरवाही देने से इसके परिणाम भयानक हो जाते हैं. इसलिए टीबी के लक्षणों की पहचान होते ही मरीज को डॉक्टर के पास जाना चाहिए.
जांच के बाद रोग की पुष्टि होने पर मरीज को 6 माह तक का उपचार और परहेज करना चाहिए. आजकल यह रोग बच्चों में भी देखने को मिल जाता है और बच्चों में इस रोग का परिणाण घातक होता है इसलिए अब पैदा होती है बच्चे को टीबी का टीका जरूर लगवाएं
देश में टीबी के भयावह रुप को देखते हुए सरकार साल 2025 तक देश को इस रोग से मुक्त कराना चाहती है.
यही कारण है कि सरकार अपने इस लक्ष्य के लिए और लोगों को टीबी से मुक्त कराने और उन्हें स्वस्थ्य बनाए रखने के लिए समय समय पर कई जागरूकता अभियान चलाती हैं और उपचार पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है.