मार्च 2017 के अंत तक बैंकों के 8,915 कर्जदार डिफाल्टर- वित्त मंत्रालय

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पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग( पीएसयू) बैंकों में हर साल कर्जदारों की संख्या बढ़ती जा रही है. इस साल मार्च में वित्तीय वर्ष 2016-17 के अंत तक बैंको के बकाया ऋणों में 20 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है . वित्त मंत्रालय के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2017 के अंत तक बैंको के 8,9 15  कर्जदार डिफॉल्टर हो चुके हैं. जबकि पिछले वित्त वर्ष में इनकी संख्या 8,167 थी.
यानि की पिछले साल के मुकाबले इस साल मार्च के अंत तक 10% कर्जदार बढ़ गये है. जिन्हें बैंको ने लगभग 92,000 करोड़ रुपये दिया हुआ है.
वहीं अब बैंकों ने इन डिफॉल्टरों से निपटने के लिए एक डेटा तैयार किया है. जिसमें से 8,915 मामलों में से 1,914 के खिलाफ प्राथमिकी (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज की गई है. इन लोगों पर बैंक का 32,484 करोड़ रुपये का ऋण बकाया हैं . साथ ही बैंक ऐसे कर्जदारों की भी लिस्ट बना रहा है जिन पर दिवालिया कानून के तहत कार्रवाई करके उसे दिवालिया घोषित किया जाए.
गौरतलब है कि 2016-17 के दौरान, एसबीआई और उसके पांच सहयोगी सहित 27 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 81,683 करोड़ रुपये का भुगतान किया है. जो की पिछले पांच वित्तीय वर्षों में किए गए भुगतानों में से 41% अधिक है.
बैंको के फंसे हुए कर्ज को वसूलने और डिफॉल्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने की दिशा में रिजर्व बैंक ने भी अपने प्रयास तेज कर दिए हैं. आरबीआई के मुताबिक, बैंक से कर्ज लेने वाला व्यक्ति डिफ़ॉल्ट तब माना जाता है जब वह अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह नहीं समझता है.
साभार-बिजनेस टूडे