CAG ने गुजरात में बीजेपी सरकार की खोली पोल, यूपी में समाजवादी भी नपे

CAG Gujrat Uttar Pradesh Report 2018

CAG Gujrat Uttar Pradesh Report 2018 : गुजरात में 16 साल से विभागों ने दिया हिसाब, ज्यादातर समय मौजूदा पीएम के कार्यकाल का  

CAG Gujrat Uttar Pradesh Report 2018 : जैसे-जैसे साल 2019 के चुनाव नजदीक आ रहे हैं मोदी सरकार की छवि पहले के मुकाबले धुलमुल होती जी रही है.

एक के बाद एक उनपर और उनकी सरकार को लेकर ऐसे-ऐसे खुलासे हो रहे हैं जिनसे पीएम मोदी का जीतना मुश्किल लग रहा है.
अभी देशभर में विजय माल्या और राफेल डिल का मुद्दा चल ही रहा था कि गुजरात को लेकर CAG ने एक ऐसी रिपोर्ट दी है जो हो सकता है सरकार के लिए एक नई खतरे की घंटी बन जाए.
क्या लिखा है रिपोर्ट में ? 
दरअसल नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक  (CAG) द्वारा जारी की गयी रिपोर्ट के अनुसार वर्ष  2001 से लेकर वर्ष 2016 के बीच करीब 2140 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कहां हुआ, इसका सरकार ने उपयोगिता प्रमाणपत्र ही नहीं दिया है.
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सिर्फ यही नहीं ऑडिट में सामने आयी रिपोर्ट के अनुसार 14.41 करोड़ के गबन के 158 मामलों में सरकार ने कोई कार्रवाई ही नहीं की.
ऑडिट की अवधि का जो समय है, सिर्फ मई 2014 के बाद का वक्त छोड़ दें तो बाकी समय नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री रहे.
पैसों का हुआ गलत इस्तेमाल ?  
न्यज चैनल NDTV  के पास मौजूद एक रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में कुल 2528 कार्यों के लिए जारी 228.03 करोड़ रुपये का हिसाब किताब पिछले आठ साल से अधिक समय से लटका हुआ है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि 64 कार्यों के लिए जारी 250.96 करोड़ की धनराशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र छह से आठ साल बीत जाने पर भी जमा नहीं हुआ.
वहीं 166.50 करोड़ के 157 उपयोगिता प्रमाणपत्र चार से छह वर्ष बीत जाने पर भी नहीं जमा हुए.
साथ ही साथ 942.45 करोड़ के यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट एक से दो साल के बीच के लंबित हैं. नियम के मुताबिक गुजरात सरकार की ओर से अपने संबंधित विभागों से ये प्रमाणपत्र लेकर सीएजी को उपलब्ध कराने थे.
CAG ने  समाजवादी पार्टी की भी खोली पोल !  
CAG की  रिपोर्ट के अनुसार अखिलेश सरकार में करीब 97 हजार करोड़ का घोटाला हुआ है, सबसे ज्यादा घपला समाज कल्याण, शिक्षा और पंचायतीराज विभाग में हुआ है.  सिर्फ इन तीन विभागों में 25 से 26 हजार करोड़ रुपये कहां खर्च हुए, विभागीय अफसरों ने इसकी रिपोर्ट ही नहीं दी.
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SP ने रिपोर्ट आने के बाद दिया ये बयान 
रिपोर्ट सामने आने के बाद सपा ने इस मुद्दे को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा है कि  कैग की रिपोर्ट से भ्रष्टाचार की बात साबित नहीं हो जाती, यह सिर्फ एक अनुमान है.
ऐसी ही रिपोर्ट महाराष्ट्र और गुजरात में आ चुकी है, लेकिन इन राज्य सरकार ने तब भी किसी भ्रष्टाचार की बात नहीं मानी थी.
समाजावादी के प्रवक्ता ने कहा कि कैग की रिपोर्ट ने तो 2जी घोटले की बात भी कही थी, लेकिन अदालत इन सभी आरोपों को खारिज कर चुकी है.
फिलहाल,  देखना होगा कि सरकार इसपर क्या एक्शन लेती है और और कब तक आम जनता को उसके पैसे का हिसाब मिलेग.