खूब जमेगा रंग जब जेल में मिल बैठेंगे तीन यार आसाराम,रामपाल और राम रहीम

पहले रामपाल, फिर आसाराम, और अब बाबा राम रहीम.. इन तीनों का शरीर ही अलग है, बाकी सौ फीसद समानता है.

आप कहेंगे वो कैसे तो जानिए नाम एक (राम), काम एक (साधु सन्यासी) और करतूत भी एक (बलात्कारी).
देश के विभिन्न कोनों में धार्मिक गुरू के रूप में ख्याति प्राप्त कर चुके बाबा राम रहीम को न्यायालय ने बलात्कार के मामले में दोषी माना है . इस फैसले के बाद से बाबा और उसके भक्तों का असली चेहरा उजागर हो गया.
बाबा के भक्तों ने न्यायालय के फैसले के बाद हरियाणा व पंजाब में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया. जिसमें 25 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों घायल हो गए. इसके अलावा सरकारी वाहनों, भवनों के रूप में करोड़ रूपये की सरकार संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है. इससे यह बात साफ है कि यह सच्चे भक्त नहीं हैं, बल्कि भक्तों के भेष में गुंडे हैं.
राम और रहीम के नाम का ले रखा था संरक्षण
आखिरकार असली चेहरा उजागर हो ही गया. बाबा जी इतने शातिर थे कि पहले तो बाबा के भेष से अपनी काली करतूतों को संरक्षण दिया. इसके बाद भगवान राम के नाम का सहारा लेकर भक्ति का चोला ओढ़ा, और अंत में रहीम नाम से अपनी महानता भी झलकाने का प्रयास किया.
ग्लैमरस लाइफ के शौकिन थे बाबा
बाबा राम रहीम ग्लैमरस (चकाचौंध) लाइफ के शौकीन थे. 2015 में उसकी मैसेज द मैसेंजर-2 फिल्म भी रिलीज होनी वाली थी. जिसमें वह खुद ही हीरो था और खुद ही गाने भी गा रहा था. बाबा को पोप्युलेरिटी (लोकप्रियता) बढ़ाने का बहुत शौक था. लेकिन फिल्म में धार्मिक विवाद होने के कारण फिल्म के रिलीज होने पर रोक लगा दी गई.
अब बच्चों का नाम राम नहीं रखेंगे घरवाले
भारत देश में राम का मतलब संस्कार एवं आदर्श होता है, हर कोई माता-पिता अपने बच्चे का नाम राम इस उम्मीद से रखते हैं कि शायद बच्चे का नाम राम रखने पर उसमें मर्यादा पुरुषोत्तम राम के संस्कार भी स्वतः विकसित होंगे.
लेकिन इन दिनों देश में जिस तरह से राम नाम के बाबाओं की काली करतूत उजागर हो रही है, उससे शायद ही कोई माता-पिता अपने बेटे का नाम राम रखना चाहेगा. क्या पता बच्चे का नाम राम रखने से लोग उसमें भी शक करने लग जाएं.
राम नाम के बलात्कारी बाबाओं के कारनामों पर एक नजर
आसाराम बापू
आध्यामिक गुरु आसाराम बापू के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले की सुनवाई गुजरात हाईकोर्ट में चल रही है. अहमदाबाद के नजदीक स्थित आश्रम में एक महिला के साथ कथित यौन उत्पीड़न मामले में आसाराम पर मामला चल रहा है.
सर्वोच्च न्यायालय ने निचली अदालत को मामले में गवाहों का बयान दर्ज करने में तेजी लाने के लिए कहा है.
आपको बता दें कि आसाराम के भक्तों ने न्यायालय में अपने खिलाफ बयान देने वाले तीन गवाहों की हत्या कर दी है. आसाराम पर पीड़िता द्वारा अहमदाबाद के बाहरी मोटेरा इलाके में स्थित आश्रम में रहने के दौरान 2001 से 2006 के बीच यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है.
वहीं आसाराम के बेटे नारायण साई पर भी पीड़िता की छोटी बहन ने इसी तरह का आरोप लगाया है. आसाराम पर राजस्थान स्थित अपने आश्रम में एक नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में पोक्सो के तहत भी मामला चल रहा है और वह इस समय जोधपुर केंद्रीय कारागार में न्यायिक हिरासत में हैं.
रामपाल
रामपाल को 23 नवंबर 2014 में हरियाणा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था. रामपाल पर आरोप हैं कि वह अपने हरियाणा स्थित आश्रम से आतंकवाद की गतिविधियों को अंजाम देता था. पुलिस ने जब उसके आश्रम में छापेमारी की तो वहां से 4 स्वचालित राइफलें, कारतूस, कमांडो की यूनिफॉर्म बरामद की गई, साथ ही बाथरूम से प्रेग्नेंसी किट व एक महिला को बेहोश स्थिति में पाया गया था.