साल 2016 में देश के अंदर 54,216 बच्चों का हुआ अपहरण, यूं ही नहीं बच्चा चोरी की अफवाहें

Children Kidnapping Data 2017-18
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Children Kidnapping Data 2017-18 :  इन दिनों बच्चा चोरी की बढ़ती घटनाओं से देश भर की पुलिस परेशान है

Children Kidnapping Data 2017-18 : इन दिनों देश में बच्चा चोरी या जबरन अफवाह की बढ़ती घटनाओं से देश भर की पुलिस परेशान है, हर राज्य में आमूमन रोजाना दो या तीन बच्चा चोरी के मामले दर्ज किए जा रहे हैं.

कुछ लोग इसे महज एक अफवाह मान रहें है तो कुछ इसका संदर्भ राजनीतिक घटनाओं से जोड़ रहे हैं.
लेकिन आज गृह मंत्रालय की तरफ से जो रिपोर्ट जारी की गई है उससे यह साफ होता है कि देश के विभिन्न हिस्सों में बच्चों की चोरी की घटनाएं कोई बेबुनियाद अफवाहें नहीं है.
दरअसल गृह मंत्रालय ने साल 2016 में बच्चों के अपहरण संबंधित आकड़े जारी किए हैं जिसके अनुसार उस साल देशभर से 54,723 बच्चों को अगवा किया गया है.
यही नहीं ये आकड़ा पिछले 1 वर्ष की तुलना में 30 फिसदी तक ज्यादा है.
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क्या कहते हैं आकड़ें
गृह मंत्रालय की 2017-18 की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2016 में 54,723 बच्चे अगवा हुए, लेकिन इनमें से सिर्फ 40.4 फीसदी मामलों में ही आरोप पत्र दाखिल किए गए हैं और इनमें से भी अपराध साबित होने की दर सिर्फ 22.7 फीसदी ही रही.
वहीं वर्ष 2015 में ऐसे 41,893 मामले दर्ज किए गए जबकि वर्ष 2014 में यह संख्या 37,854 थी.
ग्रामीण इलाकों में घटनाएं ज्यादा
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी भाषा को बताया कि देश के अंदर हाल में बच्चा चोरी के शक में भीड़ द्वारा पीट कर मारे जाने की बातों को हम सोशल मीडिया पर फैली अफवाह समझ रहे थे.
मगर मंत्रालय के इन ताजा आकड़ों को देखकर बच्चों के अपहरण का डर, खासकर ग्रामीण इलाकों में पूरी तरह से बेबुनियाद अब नहीं समझा जाना चाहिए.
गौरतलब है कि बीते गुरुवार को गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सोशल मीडिया पर बच्चा उठाने की अफवाहों के बाद भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने वाली घटनाओं का पता लगाने के लिए कहा था.
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बता दें कि अब तक मिली जानकारी के मुताबिक बीते दो महीने में बच्चा चोरी के संदेह में 20 से ज्यादा लोगों की पीट-पीटकर हत्या की जा चुकी है.
उदाहरण के तौर पर एक जुलाई को महाराष्ट्र के धुले में बच्चा चोर होने के शक में ग्रामीणों ने पांच लोगों की निर्मम हत्या कर दी.