Colonel Ajay Kothial : पहाड़ों पर नौजवानों के पलायन रोकने के लिए कर्नल साहब चला रहे खास कैंप

Colonel Ajay Kothial

Colonel Ajay Kothial : सेना में भर्ती के लिए लगाते हैं कैंप

Colonel Ajay Kothial : देव भूमि उत्तराखंड सदियों से कई वीर पुत्रों की जननी रही है. यहां की धरती में कई ऐसे साहसिक और बलिदानी व्यक्तियों ने जन्म लिया है जिनके किए गए काम आज भी लोगों के जहन में है.

इसी धरती ने एक ऐसे भी लाल को जन्म दिया, जिसने न सिर्फ भारतीय सेना में खास पहचान बनाई है. बल्कि नौजवान पीढ़ी को भी सेना के लिए तैयार करने में जुटा हैं और उस शख्स का नाम है कर्नल अजय कोठियाल.
कर्नल अजय कोठियाल उत्तराखंड के युवाओं को सेना में भर्ती करने के लिए खास मुहिम चला रहे हैं, जिसमें युवाओं को तीन माह की कड़ी ट्रेनिंग के साथ साथ सैन्य जिंदगी जीने के गुण भी सिखाए जा रहे हैं.
यह भी पढ़ें Uttarakhand Santa : गरीब बच्चों के सेंटा हैं विजेंद्र, गार्ड की नौकरी से संवार रहे कई भविष्य
सेना में कर्नल कोठियाल का योगदान
आपको बता दें कि अजय कोठियाल ने मेजर रहते हुए दिसंबर 2001 से 2003 के मध्य जम्मू-कश्मीर के शोपियां सेक्टर में अपने छह साथियों के साथ 24 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया था.
उनकी बहादुरी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें कश्मीर घाटी की कमान तब सौंपी गई जब वहां लश्कर-ए-तैयबा, हिज्बुल मुजाहिद्दीन जैसे खूंखार आतंकी संगठन काफी सक्रीय थे.
Colonel Ajay Kothial
कर्नल अजय कोठियाल
पहाड़ से पलायन रोकना है मकसद
उत्तराखंड के टिहरी जनपद के रहने वाले कर्नल अजय कोठियाल उत्तरकाशी स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) में प्रधानाचार्य के पद पर हैं.
कर्नल अजय कोठियाल की कोशिश है कि वो उत्तराखंड के लोगों को पलायन के दर्द से उभार सके.
इसके लिए वो पहाड़ के युवाओं को सेना में भविष्य बनाने के प्रेरित करते हैं और इसे सुनिश्चित करने के लिए नौजवानों को तीन माह का मुफ्त सैन्य प्रशिक्षण भी देते हैं.
गौरतलब है कि ज्यादातर प्रशिक्षण पाने वाले युवाओं का सेना की भर्ती में आसानी से चयन हो जाता है, जिससे उनका भविष्य एक बेहतर दिशा में आगे बढ़ने लागा है.
वहीं पहाड़ के युवकों को रोजगार मिलने से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है.
यह भी पढ़ें – Uttarakhand Flood Disaster : भीषण जल प्रलय के मुहाने पर एक बार फिर खड़ा उत्तराखंड
2000 युवा सेना में हो चुके शामिल
कर्नल कोठियाल बताते हैं कि चार साल से उनके द्वारा संचालित यूथ फाउंडेशन ने करीब 8000 युवाओं को ट्रेनिंग दी है. इनमें से करीब 2000 युवा सेनाअर्द्धसैनिक बलों में भर्ती हो चुके हैं.
जानकारी के लिए बता दें कि यूथ फांउंडेशन के इस कैंप में लड़कियों को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है. अब तक शिविरों में 300 के आसपास लड़कियां ट्रेनिंग के लिए आईं. इनमें से 55 उत्तराखंड पुलिस और 13 आइटीबीपी में भर्ती हो चुकी हैं.
तीन माह पहले शुरू होते हैं कैंप
यूथ फाउंडेशन की ओर से किसी भी भर्ती से तीन माह पूर्व कैंप शुरू किए जाते हैं.
यह फाउंडेशन उत्तरकाशी, श्रीनगर, अगस्त्यमुनि, नागनाथ पोखरी, देहरादून व पिथौरागढ़ में कैंप चलाता. फिलहाल इस समय इन कैंपो में 500 से अधिक युवा सैन्य ट्रेनिंग ले रहे हैं.

For More Hindi Positive News and Positive News India Follow Us On FacebookTwitter, Instagram, and Google Plus