9 घंटे तक चली RBI की बोर्ड मीटिंग में जानिये कौन-कौन से हुए फैसले

Decision Taking RBI Board Meeting

Decision Taking RBI Board Meeting : पीसीए में संशोधन और छोटे उद्योगों के कर्ज पर नई स्कीम की सहमति

Decision Taking RBI Board Meeting : पिछले कुछ समय से सरकार और RBI के बीच चल रही तकरार अब थमती दिख रही है, दरअसल कुछ समय पहले RBI ने आरोप लगाया था कि सरकार उनके काम में बाधा डाल रही है.

जिसका केंद्र सरकार ने जमकर विरोध किया और RBI के अधिकारियों को ऐसी बातें पब्लिक में ना कहने की सलाह दे डाली.
 RBI ने मुंबई हेडक्वाटर में की 9 घंटे की मीटिंग 
9 घंटे तक  चली RBI की मीटिंग में बताया जा रहा है कि उन मुद्दों को लेकर चर्चा हुई जिसकी वजह से उनके और सरकार  के बीच खटास चल रही है.
इस मीटिंग को लेकर ईटी नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, आरबीआई बोर्ड ने कुछ विवादास्पद मुद्दों पर एक समिति बनाने का फैसला किया है और  आरबीआई बोर्ड ने रिजर्व मुद्दे पर भी चर्चा की है.
वहीं आरबीआई बोर्ड वित्तीय क्षेत्र की तरलता को कम करने और छोटे व्यवसायों का क्रेडिट बढ़ाने के लिए सहमत हो गया है.
पढ़ेंपीएम का दिल्ली हरियाणा को डबल गिफ्ट, KMP एक्सप्रेसवे और बल्लभगढ़-मुजेसर मेट्रो को किया चालू
इस मीटिंग में केंद्रीय बैंक को कितनी पूंजी की जरूरत है, लघु एवं मझोले उद्यमों को कर्ज देने और कमजोर बैंको के नियमों पर चर्चा हुई.
इसके अलावा केंद्रीय बोर्ड ने मीटिंग में आरबीआई को सुझाव देते हुए कहा कि आपको लघु उद्योगों (एमएसएमई) को राहत देने के लिए कर्ज सीमा 25 करोड़ तक बढ़ानी चाहिए.
सबसे अहम आरबीआई ने केंद्र सरकार की उस मांग को भी भी मंजूर कर लिया है जिसके तहत दोनों के बीच इतनी खिंचतान मची थी.
जी हां, रिजर्ब बैंक गर्वनमेंट सिक्योरिटी बॉन्ड खरीद के जरिए 8,000 करोड़ रुपए सिस्टम में लाने पर भी फैसला कर लिया है.
Decision Taking RBI Board Meeting
demo pic
पीसीए में संशोधन को तैयार
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक आरबीआई ने पीसीएप्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन) फ्रेमवर्क के प्रावधानों में कुछ संशोधन करने पर सहमत हुआ है ताकि कुछ सरकारी बैंकों को इस दायरे से बाहर निकाला जा सके.
आपको जानकारी के लिए बता दें कि जब आरबीआई को लगता है कि किसी बैंक के पास पर्याप्त पैसे नहीं है यानि की वो वित्तीय संकट से जूझ रहा है.
आय और मुनाफा कम होता हा जा रहा और एनपीए बढ़ता जा रहा तो उस बैंक को आरबीआई पीसीए में डाल देती है.
इस पीसीए लिस्ट में शामिल होने वाले बैंक ना तो किसी को कर्ज दे सकते हैं और ना ही कोई नई ब्रांच खोल सकते हैं. ताजा रिपोर्ट्स के मुतबाकि अब तक देश के 11 सरकारी बैंक पीसीए में शामिल है.
मीटिंग में कौन-कौन था शामिल ? 
बैंक के बोर्ड में 18 सदस्य हैं जो सभी इसमें मजूद थे, वित्त मंत्रालय के दो अधिकारी आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग और वित्तीय सेवाओं के सचिव राजीव कुमार भी इन  सदस्यों में शामिल थे. उर्जित पटेल ( गवर्नर ) व 4 डिप्टी गवर्नर भी इसी बोर्ड का भाग हैं.

 

Decision Taking RBI Board Meeting
PC – Jansatta
पढ़ें – RBI और सरकार आए आमने – सामने, इतिहास में पहली बार हुआ धारा 7 का इस्तेमाल
सरकार और आरबीआई में था तकराव
ये तो सभी जानते हैं कि बीते कुछ दिनो में केंद्र सरकार  और रिजर्ब बैंक के बीच कुछ अच्छा नहीं चल रहा है. बात इतनी बढ़ गई थी कि आरबीआई के गर्वनर को अपने इस्तीफे पर विचार करना पड़ रहा था.
दरअसल इस पूरे टकराव की वजह रिजर्व बैंक के पास जमा 9.6 लाख करोड़ रुपए की रकम है.
सरकार चाहती है कि रिजर्व बैंक इस रिजर्व से उसे एक तिहाई करीब 3.6 लाख करोड़ रुपए दे ताकि वह इन पैसों को एनपीए का सामना कर रहे बैंको को दे जिससे आर्थिक गतिविधियों में तेजी आ सके.