नहीं रहे जॉर्ज फर्नांडिस, इनके एक आह्वान पर थम गया था पूरा देश

George Fernandes Death

George Fernandes Death : सुबह 7 बजे 88 वर्ष की उम्र में हुआ निधन

George Fernandes Death : देश के पूर्व रक्षा व रेल मंत्री जार्ज फर्नाडिंस अब हमारे बीच नहीं रहे, मंगलवार को सुबह 7 बजे 88 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया .

बताया जा रहा है की जार्ज पिछले कुछ दिनों से स्वाइन फ्लू से पीड़ित थे और उनका इलाज दिल्ली के एक अस्पताल में चल रहा था.
बता दें की देश की राजनीति में जार्ज एक कद्दावर और मुखर नेता थे, उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक करियर में रक्षा और उद्योग जैसे कई अहम मंत्रालय संभाले
उनकी इस मौत की खबर सुनते हुए देश में उनके चाहने वालों के बीच शोक की लहर दौड़ गई.
राष्टपति,प्रधानमंत्री से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है.
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नौ बार चुने गए सांसद

दक्षिण के मैंगलोर में 1930 मे जन्मे जॉर्ज फर्नांडिस नौ बार लोकसभा के सांसद रह चुके हैं. उन्होंने NDA के संयोजक के रूप में भी अहम भूमिका निभाई है.
ऐसा कहा जाता है की अगर NDA में कोई रुठता था तो उसे मनाने का काम जार्ज फर्नाडिंस के ही जिम्मे ही रहता था,यही वजह है की उन्हें बीजेपी अपना खेवहनहार भी मानती थी
1975 से 77 के दौरान जब देश में आपातकाल लगा हुआ था तो अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने सिख का भेष धारण किया हुआ था.
उनके बारे में ये भी कहा जाता है की जब वो अपनी गिरफ्तारी देने के बाद जेल पहुंचे तो वहां वो अन्य कैदियों को गीता पढ़कर सुनाया करते थे.
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रेल हड़ताल ने दिलाई देश में पहचान
1974 की बात है जार्ज फर्नाडिंस ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के महामंत्री थे और उनके नेतृत्व में देश की सबसे बड़ी हड़ताल का आह्वान किया गया.
बता दें की उनके कहने पर रेलवे के 15 लाख कर्मचारी एक साथ हड़ताल पर चले गए.इस हड़ताल से पूरा देश जहां का तहां थम गया कई दिनों तक रेलवे का सारा काम ठप्प रहा न तो कोई आदमी कहीं जा पा रहा था और न ही सामान.
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कहा तो ये भी जाता है की कर्मचारियों के ना मानने के कारण मजबूर होकर सेना को कुछ ट्रेने चलानी पड़ी.
देखते ही देखते इस हड़ताल में देश की अन्य ट्रेड और कर्मचारी यूनियनें जिसमें इलेक्ट्रिसिटी वर्कर्स, ट्रांसपोर्ट वर्कर्स से लेकर टैक्सी चलाने वाले सभी शामिल हो गएं.
इन लोगों की एकता देखकर मौजूदा प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी सकते में आ गई जिसके बाद सख्ती दिखाते हुए आंदोलन करने वाले हजारों लोगों की गिरफ्तारियां भी हुई.
यहां आपको जानकारी के लिए बता दें की जिस रेलवे कर्मचारियों की हड़ताल का उन्होंने नेतृत्व किया था आगे चलकर वीपी सिंह की सरकार में वो रेल मंत्री भी बनाए गए.